बांदा। अब भूमि व मकान 10 से 20 फीसदी तक महंगे होंगे। सर्किल दरों में सर्वे के बाद बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया है। प्रशासन ने 10 जनवरी तक संशोधित दरों में आपत्तियां मांगीं हैं।
उत्तर प्रदेश संपत्ति मूल्यांकन नियमावली 1997 के अनुसार हर साल भूमि-भवन के सर्किल रेट में संशोधन किया जाता है, लेकिन यहां कोरोना की वजह से तीन साल तक सर्किट रेट की दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया। इस वर्ष डीएम अनुराग पटेल की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने जनपद की नरैनी, बबेरू, सदर आदि तहसीलों में सर्वे कर प्रस्तावित मूल्यांकन सूची तैयार की है। गुरुवार को अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में प्रस्तावित दरों पर विचार विमर्श के बाद प्रस्तावित सूची का प्रकाशन कर दिया गया। जिसमें भूमि व भवन की सर्किल दरों में 10 से 20 फीसदी तक इजाफा किया गया है।
आंशिक वृद्धि की जा रही : एआईजी
इसके लिए आम जनता, अधिवक्ता व आम लोगों से 23 जुलाई शाम 5 बजे तक आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद प्रशासन सर्किल दरों की सूची को अंतिम रूप देगा। सहायक उपायुक्त स्टांप (एआईजी) अखिलेश कुमार ने कहा कि सर्किल दरों में कोई खास वृद्धि नहीं की गई है। तीन साल बाद सर्किल दरों में आंशिक संशोधन किया गया है। इससे छोटे व माध्यम वर्ग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।