गोष्ठी को संबोधित करते डीएम अनुराग पटेल।
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कालिंजर। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का दुर्ग कालिंजर जल संरक्षण का मॉडल है। यहां के राजा कीर्ति सिंह की पुत्री रानी दुर्गावती ने गोंडवाना में बहुत से तालाब बनवाकर जल संरक्षण का आदर्श नमूना पेश किया था। दुर्ग के तालाबों को संवारने और यहां लगने वाले मेले को ऐतिहासिक बनाए जाने की जरूरत है। यह बात रविवार को जल स्रोत पुनरुत्थान गोष्ठी में डीएम अनुराग पटेल ने कही।
जल योद्धा सम्मान प्राप्त उमाशंकर पांडेय ने कहा कि कालिंजर महोत्सव को ऐतिहासिक महोत्सव के रूप में मनाने का काम किया जाएगा। दुर्ग में तालाब सफाई और नगर में बेला तालाब व सगरा बांध को बेहतर बनाने का काम होना चाहिए। अरविंद सिरौलीहा ने कहा कि यहां जल स्रोत के बहुत से स्थान हैं। इन्हें विकसित करने की जरूरत है। ग्राम प्रधान दयाराम सोनकर ने गांव का विकास करने की बात कही। संचालन अतुल सुल्लेरे ने किया।
गोष्ठी में भाजपा पूर्व जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, तहसीलदार नरैनी प्रमोद कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी ध्यानचंद कुशवाहा, अतुल द्विवेदी, मनीष त्रिपाठी, पंकज, शंकर कुशवाहा, बनसू सोनकर कालिंजर विकास समिति सदस्य दिनेश मिश्रा, राकेश मिश्रा आदि रहे।
डीएम ने बांध का किया निरीक्षण
उधर, बारिश के बीच डीएम अनुराग पटेल ने छाता लगाकर सगरा बांध का निरीक्षण किया। पर्यटक की दृष्टि से यह बहुत अच्छा है।