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दहेज अधिनियम में पति और सास दोषी

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बांदा। दहेज के लिए मारपीट में दोषी पति को अदालत ने दो साल जेल की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना किया है। फैसले के दौरान आरोपी सास अदालत के सामने पेश नहीं हुई। जबकि इस केस में अदालत ने पति के साथ सास को भी दोषी ठहराया है।
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मर्दन नाका निवासी दादा ने कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि पुत्री की शादी 12 दिसंबर 2009 को मर्दन नाका के ही राकेश कुमार के साथ की थी। 19 नवंबर 2019 की रात पुत्री के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जलाने का प्रयास किया। संतान न देने का ताना देते थे। दो लाख रुपये की मांग भी करते थे। मोहल्लावासियों ने आकर बचाया।
पुलिस ने आरोपी पति और सास सावित्री के खिलाफ दहेज अधिनियम सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए गए।
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सोमवार को सिविल जज कंचन ने पति राकेश कुमार और सास सावित्री को दोषी पाया। दहेज अधिनियम की धारा में 2-2 साल की जेल और जुर्माना किया। धारा 323 में छह माह और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की जेल और होगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी। सहायक अभियोजन अधिकारी जितेंद्र सिंह ने पैरवी की।
किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के केस में फंसे आरोपी युवक को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। कोतवाली नगर के एक मोहल्ला निवासी किशोरी के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 6 फरवरी 2014 को दोपहर के समय बहन बाजार से घर आ रही थी। रास्ते में आरोपी अंशू ने घर छोडने की बात कहकर अपने वाहन में बैठा लिया। कुछ खिलाकर बेहोश कर दिया।
उसे गुजरात ले गया और वहां एक माह तक दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी अंशू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोप पत्र पुलिस ने अदालत में दाखिल कर दिया। पांच गवाह पेश किए गए।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अनु सक्सेना ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आरोपी अंशू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता शशि श्रीवास्तव और अभियुक्त की ओर से शंकर सिंह गौतम ने पैरवी की।
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