कभी बारिश तो कभी तेज धूप के बीच उमस ने मरीजों की संख्या में इजाफा कर दिया है। सबसे ज्यादा मरीज डायरिया और बुखार के हैं। पिछले 24 घंटे में डायरिया के दो सगे भाइयों समेत 18 और बुखार के 15 मरीज भर्ती हुए। बांदा जिला अस्पताल में सभी का इलाज चल रहा है।
रविवार को अवकाश होने से जिला अस्पताल की ओपीडी बंद रही। इस पर ट्रामा सेंटर में मरीजों की भीड़ रही। उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या अधिक रही। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया। रविवार को तिंदवारी निवासी जियालाल के पुत्र डायरिया के मरीज करन (7), अनुराग (3), शुतुरखाना निवासी रागिनी (6), खाईंपार निवासी नरेश (28), कांशीराम कालोनी निवासी संगम द्विवेदी (20), कटरा निवासी छेदीलाल (55), आवास विकास निवासी विक्रम (27), मवई बुजुर्ग निवासी राजरानी (40), गूलरनाका निवासी शादाब बेग (22), गड़रिया निवासी करुणा (28), पल्हरी निवासी विमला (28) आदि भर्ती किए गए हैं।
इसी तरह बुखार से ग्रस्त भर्ती मरीजों में जमालपुर निवासी धीरेंद्र मिश्रा (36), रागौल निवासी गुड़िया (43), कांशीराम कालोनी निवासी सीमा (25) व खुशी (15), पिस्टा निवासी धीरेंद्र (25), आजाद नगर निवासी सुलोचना (24) आदि शामिल हैं। चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत सचान ने बताया कि नमी बढ़ने और उमस की वजह से डायरिया और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। इनके रोजाना लगभग 25-30 मरीज ट्रामा सेंटर में भर्ती हो रहे हैं। बारिश के मौसम में पाचन क्रिया कमजोर पड़ जाती है। इससे बचने के लिए लोग भारी व बासी भोजन न करें। शुद्ध पानी पीएं।