बांदा। सादीमदनपुर (चिल्ला) गांव स्थित मदरसा इदारा दारुल उलूम अरबिया इस्लामिया अहले सुन्नत की प्रबंध समिति को लेकर सहायक निबंधक, फर्म, सोसायटी एवं चिट, झांसी/चित्रकूटधाम मंडल के दो आदेशों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामले को झांसी रजिस्ट्रार से हटाकर उपनिबंधक, कानपुर नगर को सौंपते हुए तीन माह के अंदर उचित आदेश जारी करने का आदेश दिया है।
मदरसा समिति को लेकर दो पक्षों में दावे किए जा रहे हैं। सादीमदनपुर ग्राम प्रधान इरशाद अली ने अपने अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी व राजेश कुमार शुक्ला के जरिये हाईकोर्ट में रिट दायर की थी कि उनके पक्ष के 17 जनवरी, 2021 को हुए समिति के चुनाव को आठ सितंबर को सहायक निबंधक, झांसी ने खारिज कर दिया। विपक्षी द्वारा 14 सितंबर, 2022 को चुनाव कराने के पेश किए गए दावे को स्वीकार कर लिया। रिट में सहायक निबंधक के दोनों आदेशों (8 व 22 सितंबर) को चुनौती दी गई थी।
मंगलवार (29 नवंबर) को हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय द्वारा जारी आदेश में रिट को स्वीकार करते हुए सहायक निबंधक, झांसी के दोनों आदेशों को प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया। यह भी आदेश दिया है कि यह प्रकरण अब सहायक निबंधक, झांसी से हटाकर उप निबंधक, फर्म सोसायटी, कानपुर नगर को स्थानांतरित किया जाता है।
झांसी सहायक निबंधक 15 दिन के अंदर इसके सभी अभिलेख उप निबंधक, कानपुर को सौंप देंगे और कानपुर उप निबंधक तीन माह के अंदर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करेंगे।