बांदा। जोर बाजुए हैदर इस तरह निभा डाला, एक नन्हें असगर ने कर्बला हिला डाला। शोहदाए कर्बला की शान में ये शेर सोमवार की रात एक शाम खानदाने हुसैन के नाम जलसे में गूंजा।
दारूल उलूम रब्बानिया के तत्वावधान में आयोजित 26वें सालाना जलसे में मौलाना सैय्यद अहमद रब्बानी (जबलपुर) और मौलाना अख्तर रजा (एरच, झांसी) ने हजरत इमाम हुसैन और उनके कुनबे की शहादत बयां की। लोगों की आंखें नम हो गई। मौलाना सैय्यद वाजिद मियां ने हजरते हुसैन की बहादुरी और उनका मुकाम बताया।
अमीर शोबए तबलीग मौलाना सैय्यद आबिद मियां ने कर्बला की शहादत बयां की। यहां सैय्यद नबहर रब्बानी, सैय्यद सफदर रब्बानी, सैय्यद अनसर रब्बानी, सैय्यद ताहिर मसूदी, सैय्यदा शाकिया बेगम, सैय्यदा फात्मा बेगम आदि ने नात व मनकबत पेश की। सदारत शहर काजी मेराज मसूदी अकील मियां ने की।
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मुशर्रफ खां