बांदा। रविवार को पितृ अमावस्या है। इस दिन पितरों को पिंडदान और जलतर्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट जाते हैं। श्रद्धालु इसके लिए एक दिन पहले ही धर्मनगरी पहुंच जाते हैं।
इनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष परिवहन निगम चित्रकूट के लिए मेला स्पेशल बसों की व्यवस्था करता रहा है, लेकिन इस वर्ष निगम ने एक भी अतिरिक्त बसों की व्यवस्था नहीं की है। इससे चित्रकूट जाने वाले यात्रियों को खासी दिक्कतें हो रही हैं।
उन्हें बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को बस अड्डे पर बड़ी संख्या चित्रकूट मार्ग पर चलने वाली बस में खड़े होने की भी जगह नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी महिला व बुजुर्ग यात्रियों को हो रही है।
जवान व युवा बस में चढ़कर सीट हासिल कर लेते हैं और बुजुर्ग व महिलाएं खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। तमाम यात्रियों को चित्रकूट जाने के लिए ट्रेन व प्राइवेट बस और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
चित्रकूट मार्ग पर परिवहन निगम रोज चित्रकूटधाम मंडल की 38 बसों का संचालन करता हैं। इनमें चार हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। अमावस्या पर प्रतिदिन इनकी संख्या बढ़कर 50 हजार तक पहुंच जाती है। यात्रियों की सुविधा के लिए निगम अमावस्या पर अन्य मार्गों से बसों की कटौती कर चित्रकूट मार्ग पर चलाता है, लेकिन इस बार अतिरिक्त बसों की व्यवस्था नहीं की गई है।
दो घंटे से नहीं मिली बस
बांदा के राघव का कहना है कि अमावस्या पर चित्रकूट जाना है। दो घंटे से बैठे हैं, लेकिन अभी तक बस नहीं मिली। परिवहन निगम ने इस वर्ष अमावस्या पर अतिरिक्त बसें नहीं लगाई हैं। यात्री अधिक हैं और बसें कम हैं। पूछने पर अधिकारी कहते हैं जो बस आएंगी, वही जाएंगी।
तिंदवारी के गजराज का कहना है कि अमावस्या पर चित्रकूट जाने के लिए रोडवेज बसें नहीं मिल रहीं। चित्रकूट के लिए जो इक्का दुक्का बसें चल रही हैं उनमें खड़े होने की जगह नहीं है। स्टेशन पर गए तो ट्रेन भी छूट गई। मजबूरी में अब प्राइवेट वाहन से जाना पड़ रहा है।
वर्जन...
पितृ अमावस्या पर यात्री नहीं निकल रहे हैं। चित्रकूट मार्ग पर पर्याप्त बसें चल रही हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। -गौतम कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, बांदा।