पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति और उनके सहयोगियों को अदालत से जेल ले जाती पुलिस।
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बांदा। तत्कालीन खनिज अधिकारी के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले में आरोपी पूर्व विधायक सहित पांच लोगों को अदालत ने जेल भेज दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ने इनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था।
विशेष लोक अभियोजक अंबिका व्यास ने बताया कि 9 अक्तूबर 2018 की रात आठ बजे सर्किट हाउस में तत्कालीन खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह को बुलाकर तत्कालीन विधायक बृजेश प्रजापति (अब पूर्व विधायक) ने प्रत्येक पट्टे से 27 लाख रुपये देने की मांग की। मना करने पर बृजेश प्रजापति और उनके गनर और दो सहयोगियों समेत पांच लोगों ने बंधक बनाकर मारपीट की।
खनिज अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली नगर में पांच लोगों के विरुद्ध अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, सरकारी काम में बाधा, जान से मारने की धमकी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। एसीजेएम की अदालत में कई तारीखों में हाजिर न होने पर न्यायाधीश ने सभी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए बृजेश प्रजापति ने 29 जुलाई 2022 को हाईकोर्ट से उसी दिन सुनवाई का आदेश प्राप्त कर अदालत में दाखिल कर दिया।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए न्यायाधीश गरिमा सिंह ने सोमवार को केस की सुनवाई की। पूर्व विधायक समेत देवेंद्र कुमार प्रजापति उर्फ जीतू (बिजलीखेड़ा), कुलदीप पटेल उर्फ सीएम (पिपरी), लवलेश प्रजापति (पलरा) व मनोज प्रजापति (गलौली) की जमानत अर्जी खारिज कर दी। पुलिस अभिरक्षा में सभी को जेल भेज दिया गया।