बांदा। केन-बेतवा लिंक परियोजना में तेजी लाने की कवायद शुरू हो गई है। मुआवजे के लिए 15 सितंबर से पहले मुख्य बांध ढोढ़न के प्रभावित गांवों की संपत्ति का फाइनल सर्वे शुरू हो जाएगा। मुख्य बांध के डूब क्षेत्र में 10 गांव आ रहे हैं।
इन गांवों के 1913 घरों के 8,339 लोग प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि बांध बन जाने से छह जिलों बांदा, महोबा, झांसी, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ के 62 गांव के 2480 किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।
जल शक्ति मंत्रालय के प्रारंभिक डीपीआर के मुताबिक 637 कच्चे घर, 1252 आधे कच्चे-पक्के मकान और 24 पक्के मकान डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। प्रभावित घरों के मालिकों को मुआवजा पक्के मकान का डेढ़ लाख, आधा कच्चा-पक्का मकान का एक लाख और कच्चे मकान का 50 हजार रुपये दिया जाएगा।
बांध के कमांड क्षेत्र में आ रहे परिवारों का मुख्य व्यवसाय खेती है। इस क्षेत्र में खरीफ सीजन में 2665 हेक्टेयर और रबी सीजन में 1173 हेक्टेयर में खेती होती है। खरीफ की सबसे महत्वपूर्ण फसल सोयाबीन है, जिसका क्षेत्रफल 685.69 हेक्टेयर है।
अन्य महत्वपूर्ण फसलें चना 677.06 हेक्टेयर, धान 669.53 हेक्टेयर हैं है। इसके अलावा तिल, मिर्च और ज्वार भी उगाई जाती है। रबी सीजन में गेहूं सबसे महत्वपूर्ण फसल होती है, जिसका क्षेत्रफल 890.85 हेक्टेयर है।