बांदा। पद ग्रहण करने के दूसरे दिन बुधवार को डीएम दीपा रंजन ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। ट्रॉमा सेंटर और डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों को बाहर से दवा लिखने पर दो डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा है।
ओपीडी में हड्डी रोग विभाग और ईएनटी विभाग में डॉक्टरों के अनुपस्थित होने पर वजह पूछी। उन्होंने डेंगू वार्ड में परिजनों के कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए। एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार रहने को कहा। डीएम यहां तकरीबन एक घंटा रहीं।
सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे अचानक डीएम मातहतों के साथ जिला अस्पताल पहुंची। सबसे पहले दवा वितरण कक्ष देखा। यहां मरीजों की लाइन लगी होने पर आगे बढ़ गईं। ओपीडी में कक्ष संख्या-13 में डॉ. ह्दयेश पटेल सीट पर नहीं मिले। वार्ड ब्वाय ने बताया कि वह राउंड पर हैं। कक्ष संख्या-7 में ईएनटी डॉ. ईशान दीक्षित अनुपस्थित पाए गए। कक्ष संख्या-10 हड्डी रोग विभाग में डॉ. विकास दीप और डॉ. विनय भी नहीं मिले।
सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र से वजह पूछी तो उन्होंने डॉक्टरों के छुट्टी पर होना बताया। कक्ष संख्या-12 में सर्जन रामेंद्र राउंड पर मिले। ट्रॉमा सेंटर में रेफर हो रहे फ्रैक्चर मरीज अनिकेत से पूछताछ की। अनिकेत ने बताया कि डॉक्टर ने बाहर से इंजेक्शन लिखा है। इस पर डॉक्टर से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
इसी तरह डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज के लिए बाहर की दवा की लिखी पर्ची मिलने पर डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। उन्होंने सिटी स्कैन का भी निरीक्षण किया। यहां सिर्फ दो मरीजों का सिटी स्कैन होना पाया गया। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र, डॉ. एसडी त्रिपाठी, डॉ. विनीत सचान भी मौजूद रहे।
फोटो 09 बीएनडीपी 13- डेंगू वार्ड के बाहर दवा का पर्चा और दवा देखतीं डीएम। संवाद- फोटो : BANDA