बांदा। गेहूं में नैनो लिक्विड (तरलनुमा खाद) के छिड़काव के लिए सहकारिता विभाग किसानों को किराए पर ड्रोन देगा। हालांकि अभी किराए का निर्धारण नहीं हुआ है। शासन ने चित्रकूटधाम मंडल को चार ड्रोन उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी है।
चित्रकूटधाम मंडल में प्रतिवर्ष तकरीबन नौ लाख हेक्टेयर में रबी की बुआई की जाती है। इसमें प्रति वर्ष फसलों की टॉप ड्रेसिंग में किसानों को करीब साढ़े चार लाख क्विंटल यूरिया की जरूरत पड़ती है। विभाग तमाम प्रयासों के बाद भी किसानों को मांग के अनुरूप दानेदार यूरिया मुहैया नहीं करा पाता।
दानेदार यूरिया की किल्लत दूर करने के लिए सहकारिता विभाग ने नैनो लिक्विड यूरिया के लिए किसानों को प्रेरित कर रहा है। इसके छिड़काव के लिए ड्रोन की जरूरत होगी। विभाग इसे भी आसानी से उपलब्ध कराएगा। हालांकि किसानों को एवज में किराया अदा करना होगा। विभाग का कहना है कि नैनो लिक्विड यूरिया पर्यावरण व भूमि की उर्वरा शक्ति को बरकरार रखने में बेहतर है।
नैनो लिक्विड यूरिया मंडल के प्रत्येक राजकीय उर्वरक बिक्री केंद्रों में उपलब्ध है। यह दानेदार यूरिया से सस्ती है। विभाग ने इस बार गेहूं की टॉप ड्रेसिंग में नैनो लिक्विड यूरिया के छिड़काव के लिए शासन से चार ड्रोन की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए शासन ने हरी झंडी दे दी है। जल्द मंडल को ड्रोन मिल जाएंगे। इससे किसानों का समय व खर्च भी बचेगा।
ये नैनो लिक्विड यूरिया
500 ग्राम नैनो लिक्विड (यूरिया) 50 किलोग्राम की दानेदार यूरिया की बोरी के बराबर है। दानेदार यूरिया की कीमत 266.50 रुपये है, जबकि नैनो लिक्विड की कीमत 240 रुपये है। नैनो लिक्विड की खासियत यह है कि इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं है। जमीन की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होने से उत्पादन में 10 से 15 फीसदी का इजाफा होता है। जमीन में किसी भी तरह का रासायनिक दुस्प्रभाव नहीं पड़ता। जमीन को ऊसर या बंजर होने से बचाता है।