अतर्रा। अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित समय पर अस्पताल आने का फरमान बेअसर हो रहा है। शनिवार को ओपीडी तो खुली पर चिकित्सकों की कुर्सियां खाली रहीं। दूर दराज से आए मरीज इलाज कराने के लिए डॉक्टर का इंतजार करते रहे। अस्पताल परिसर में सफाई का अभाव रहा।
ओपीडी खुलने का समय सुबह आठ बजे से दोपहर 2 बजे तक है। लेकिन चिकित्सकों के आने का समय निर्धारित नहीं है। हालांकि इमरजेंसी में चिकित्सक समय से ड्यूटी पर रहे। करीब 9 बजकर 10 मिनट पर सीएचसी अधीक्षक सहित ओपीडी में अन्य चिकित्सक पहुंचे।
डॉट्स कक्ष, टीबी कक्ष, दवा वितरण कक्ष, दंत कक्ष आदि अन्य विभागों में भी डॉक्टर व प्रभारी स्वास्थ्य कर्मी अपनी-अपनी कुर्सियों से नदारद मिले। अस्पताल के लेखा जोखा कार्यालय में ताला जड़ा मिला। आशा बहू व एएनएम लिपिक के इंतजार में बैठी रहीं।
सीएचसी में तैनात बाबू नदारद मिले। टीकाकरण कर रहीं एएनएम भी समय से अस्पताल न आने पर करीब आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं द्वारा गोद लिए हुए बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए एएनएम के इंतजार में इधर-उधर टहलती हुई मिली।
महोतरा गांव से आए 60 वर्षीय मरीज श्रीकृष्ण ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से शरीर में खुजली से परेशान है। वह सुबह 8 बजे आ गए थे। एक घंटा बीत गया। कोई भी डॉक्टर अपनी कुर्सी पर नहीं थे।
बाइक पर अपनी दादी 60 वर्षीय संतोषी देवी को दिखाने पहुंचे कमलेश पटेल ने बताया वह चित्रकूट दर्शन के लिए जाते समय बाइक से गिर गए थे। यहां करीब डेढ़ घंटे से वह खड़े हैं। लेकिन डॉक्टर नहीं मिले।
डॉक्टरों की कमी के चलते सीएचसी में अव्यवस्थाएं हावी हैं। प्रभारी सहित दो डॉक्टर पूरे अस्पताल में तैनात हैं। वह स्वयं बीमार चल रहे हैं। लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. अजय विश्वकर्मा, अधीक्षक सीएचसी अतर्रा।
अतर्रा डाट्स में खाली पड़ी कुर्सी।- फोटो : BANDA