बांदा। परिषदीय स्कूलों के आपरेशन कायाकल्प योजना में लापरवाही पर जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने 23 प्रधान और इनके सचिवों को नोटिस जारी किया है। लापरवाही बरतने पर प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सरकार की कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में पानी, बिजली, शौचालय सहित 12 बिंदुओं पर कार्य कराने हैं। इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। कई ग्राम पंचायतें स्कूलों में कराए जाने वाले कार्यों को लेकर संजीदा नहीं है।
कायाकल्प योजना की समीक्षा में पाया गया कि महुआ ब्लॉक के ग्राम पंचायत नंदवारा, मुरवां, अजीतपारा, जमरेही, पनगरा, मोतियारी, बांसी, हुसैनपुर, रिसौरा, माधौपुर, मकरी, बरईमानपुर, गुमाई, रहूसत, खुरहंड, अनथुवा, प्रेमपुर, ब्लाक बबेरू के ग्राम पंचायत अलिहा, रगौली, मुरवल, पेस्टा, पारा बिहारी, सातर में बालक-बालिका का शौचालय और पेशाबघर अलग-अलग नहीं बना है।
शुद्ध पेयजल की समुचित व अलग-अलग व्यवस्थाएं न होने पर नाराजगी जाहिर की। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव व प्रधानों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर स्कूलों को आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत संतृप्त कराए जाने के आदेश दिए थे।
चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने पर प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने सहित सचिव के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ अजय आंनद का कहना है कि प्रधानों को जिलाधिकारी की नोटिस भेज दी गई। आदेशों पर अमल न होने पर प्रधान व सचिव के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।