बांदा। दीपावली पर जिन घरों को दिन-रात एक कर सजाया, अब उसी के उजड़ने का खतरा मंडराने लगा है। नहर पटरी किनारे आबाद करीब डेढ़ सौ परिवारों को केन नहर प्रखंड अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) ने अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस दिया है। प्रभावित लोगों ने डीएम से आशियाना न छीने जाने की गुहार लगाई है।
मंडी समिति के पीछे नहर पटरी किनारे लगभग 150 लोग कच्चे घर बनाकर रह रहे हैं। केन नहर प्रखंड अधिशासी अभियंता ने उन्हें नोटिस जारी कर 28 अक्तूबर (शुक्रवार) तक कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित तिथि के बाद विभाग ने खुद ध्वस्त कराने की चेतावनी भी दी है।
आशियाना छिनने के नोटिस ने वहां रह रहे लोगों की नींद उड़ा दी। गुरुवार को एकजुट लोग कलक्ट्रेट आए और डीएम से घर बचाने की गुहार लगाई। उन्हें दिए पत्र में कहा है कि घरों से निकाल दिए जाने पर पूरा परिवार खुले आसमान तले आ जाएगा। बड़ी संख्या में बच्चे भी हैं। उन्हें पहले आवास दिलाए जाएं, फिर बेदखल करें। नोटिस व कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का अनुरोध किया।
पीड़ितों की अगुवाई कर रहीं समाजसेवी शालिनी पटेल ने कहा कि नहर पटरी किनारे ज्यादातर मजदूरी पेशा लोग रहे हैं। इनके पास न जमीन है, न आवास। जब तक इन्हें आवास आवंटित नहीं किए जाते तब तक ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी जाए। शिकायतकर्ताओं में रवींद्र कुमार भारतीय, बासू, रामप्रसाद, राजाराम, छेदीलाल, राजेश, लालाराम, मंजू, सुमन, सीमा, राधा, बुधिया, अनिल, पवन दास रहे।