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बांदा : 110 गांवों के संपर्क मार्ग बहे, तीन गांवों को कराया खाली, चिल्ला-कानपुर हाईवे पर पांच फीट पानी, आवागमन बंद

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बांदा। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। शुक्रवार को यह खतरे के निशान से करीब 1.95 मीटर ऊपर बहने लगा है। इसके कारण कानपुर से चिल्ला हाईवे पर पांच फीट पानी आ जाने से आवागमन बंद कर दिया गया है।
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बाढ़ प्रभावित पैलानी क्षेत्र के तकरीबन 110 गांवों के संपर्क मार्ग बह गए हैं। वहीं, 30 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ में फंसे ग्रामीणों के आवागमन के लिए स्टीमर व नाव की व्यवस्था की गई है। यहां 17 बाढ़ चौकियों के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस क्षेत्र के नांदादेव गांव का पुरवा, शंकरपुरवा और गडोला गांव पूरी तरह से पानी से घिर गए हैं। इन्हें खाली करा लिया गया है। इस इलाके के दो दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ को बुलाया गया है। मंडल कार्यालय में बाढ़ कंट्रोल रूम खुल गया है, यह 24 घंटे काम करेगा। वहीं, केन नदी स्थिर होने से कुछ राहत है।
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ये गांव हैं बाढ़ की चपेट में
क्षेत्र के जसपुरा, चिल्ला, पैलानी, तारा खजूरी, दोहतारा, नरी, सिंधन कला, अदरी, लसड़ा, मरझा, पड़ेरी, नांदा देव, पडोरा, पिपरोदर, अमचौली, गंडोला सहित तीस गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गांव के संपर्क मार्गों में पानी आ गया है।
मंत्रियों का तूफानी दौरा
बाढ़ के हालातों को देखते हुए गुरुवार को राज्यमंत्री रामकेश निषाद और शुक्रवार को सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्योग मंत्री राकेश सचान व राज्य मंत्री अनूप प्रधान ने स्टीमर से पैलानी डेरा व सिंधनकला होते हुए पंडवन डेरा तक करीब 10 किलोमीटर बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। इस दौरान प्रभावित लोगों को राशन भी दिया गया। इस मौके पर डीएम अनुराग पटेल, एसडीएम पैलानी लाल सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष संजय सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
किसानों की हजारों एकड़ फसल नष्ट
पैलानी क्षेत्र में करीब 150 हेक्टेयर पर खड़ी फसल नष्ट हो गई है। चारों तरफ पानी दिखाई दे रहा है। ऐसे में रात दिन बचाव कार्य के साथ खाना पहुंचाया जा रहा है। खासतौर पर निचले क्षेत्रों से हटाकर लोगों को ऊंचाई पर लाया गया है। प्रभावित लोगों को स्कूलों में रखा गया है।
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बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर
जिलाधिकारी अनुराग पटेल का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजरें गड़ाए हैं। जिन गांवों का संपर्क टूट गया है वहां पर आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों की माध्यम से नजर रखी जा रही है।
प्रतिदिन ली जा रही बाढ़ की जानकारी
मंडलायुक्त आरपी सिंह ने कहा कि केन, बेतवा, यमुना नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। मंडल कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 285659 है। कंट्रोल रूम के प्रभारी मो. रईस प्रशासनिक अधिकारी एवं सहायक इंद्र प्रवीण एवं अब्दुल मतीन रहेंगे। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि यह कंट्रोल रूम निरंतर क्रियाशील रहेगा। मंडल के सभी जिलाधिकारी बाढ़ संबंधी सूचनाएं कंट्रोल रूम में भिजवाएं।
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