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बांदा : मकान से लटका मिला सिपाही का शव

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बांदा : पोस्टमार्टम हाउस में पुत्र की मौत पर शोकग्रस्त पिता। - फोटो : BANDA
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कमासिन (बांदा)। मकान की दीवार से सिपाही का शव लटका हुआ मिला। सिपाही कमासिन थाने में तैनात था। सुबह शव लटका देख लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अधिकारियों की मौजूदगी में शव उतारा। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर नमूने लिए। पुलिस आत्महत्या मान रही है, जबकि पिता ने हत्या कर बेटे का शव लटकाने का आरोप लगाया है।
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झांसी जिले के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के कुलगेहना गांव निवासी सिपाही राघवेंद्र सिंह (24) कमासिन थाने में तैनात था। थाने के पीछे करीब 10 मीटर दूर स्थित श्रीश सिंह के मकान की दूसरी मंजिल पर किराये का कमरा लेकर रहता था। शनिवार की सुबह मकान मालिक की पत्नी सुमन सिंह घर के पीछे किसी काम से पहुंचीं तो दीवार से उसका शव लटका देख सन्न रह गईं।
श्रीश सिंह ने तत्काल सूचना थाना प्रभारी उमेश कुमार सिंह को दी। थाना प्रभारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। एसपी अभिनंदन सुबह करीब 8:45 बजे मौके पर पहुंचकर जानकारी ली।
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एसपी के निर्देश पर फोरेंसिक और डॉग स्क्वाड की टीम ने नमूने लिए। एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र की मौजूदगी में शव उतारा गया। लिखा पढ़ी के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसपी ने कहा कि पारिवारिक कलह के चलते सिपाही ने आत्महत्या की है।
सिपाही राघवेंद्र सिंह का सपना उपनिरीक्षक (एसआई) बनना था। उसने हाल ही में परीक्षा भी दी थी। मई में परिणाम आने पर उसका चयन नहीं हुआ। इससे वह तनाव में था। यह जानकारी कमासिन थाना इंस्पेक्टर उमेश कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि राघवेंद्र बीएससी उत्तीर्ण था। कांस्टेबल की नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहा था।
इंस्पेक्टर उमेश कुमार सिंह ने बताया कि राघवेंद्र की थाने में पहली पोस्टिंग थी। कुल 36 दिन नौकरी की। इसमें 12 दिन छुट्टी पर रहा। 28 को ज्वाइन करना था, लेकिन वह 27 को ही छुट्टी से लौट आया। थाने की बैरक में रहने की बजाय अलग कमरा ढूंढ लिया। जांच के लिए राघवेंद्र का मोबाइल कब्जे में लिया गया है। कॉल डिटेल निकाली जा रही है। प्रेम प्रसंग को लेकर भी जांच की जा रही है।
पिता गोकुल प्रसाद ने बेटे राघवेंद्र की हत्या का आरोप लगाया है। कहा कि उनका बेटा आत्महत्या करने वाला नहीं था। उसकी हत्या की गई है। उसके बेटे को छत पर ले जाकर गले में रस्सी बांधकर नीचे लटका दिया गया। आरोप लगाया कि उनके आने से पहले ही पुलिस ने आनन-फानन शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घरवालों के आने तक का इंतजार नहीं किया। रास्ते में ही उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि शव मेडिकल कॉलेज भेजा जा चुका है। पुलिस की यह जल्दबाजी सवाल खड़े करती है। अंतिम संस्कार और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वह तहरीर देंगे।
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