बांदा। बबेरू क्षेत्र के डिघौरा गांव में चल रही कोयला भट्ठी का मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया। विपक्षी दल के चार विधायकों ने नियम-51 के तहत यह मामला उठाते हुए कहा कि वन अधिनियम के विरुद्ध कोयला भट्ठी चलाई जा रही है। इससे पर्यावरण को भी खतरा बताया। विधानसभा अध्यक्ष ने विशेष जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उधर, इसी बीच प्रभागीय वनाधिकारी संजय अग्रवाल ने कोयला भट्ठी का परमिट जारी का दिया है।
बबेरू वन रेंज में चल रही कोयला भट्ठी को अवैध बताते हुए शिकायत की गई थी। इसी माह चले विधान सत्र में विधायक ओमप्रकाश राजभर, नफीस अहमद, शाहिद मंजूर और जियाउर्रहमान बर्क ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि भट्ठी वन अधिनियम के विरुद्ध चल रही। इस भट्ठी को निरस्त किया जाए।
विधायकों की इस मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने छह दिसंबर को वन मंत्री को इसकी विशेष जांच करवाने के निर्देश लिखित रूप से दिए हैं। उधर, इसी बीच आठ दिसंबर को प्रभागीय वनाधिकारी संजय अग्रवाल ने कुछ शर्तों के साथ भट्ठी का परमिट जारी कर दिया है। उन्होंने फोन पर बताया कि वह अभी मीटिंग में जिले से बाहर हैं। अधिक बात नहीं कर पाएंगे। नियमों के तहत ही कार्रवाई और प्रक्रिया की गई है।