अतर्रा (बांदा)। तहसील सभागार में जिलास्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। अन्ना मवेशियों के सड़क और खेत पर विचरण और डिलीवरी के दौरान प्रसूताओं को भोजन न मिलने की शिकायतों पर डीएम अनुराग पटेल भड़क गए। सीएमओ से तीन दिन के अंदर सीएचसी में भोजन व्यवस्था संचालन के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में 75 शिकायतें आईं। इनमें पांच का निस्तारण किया गया। 70 शिकायतों को संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए। अधिवक्ता सूरज बाजपेयी ने डीएम से शिकायत की कि सीएचसी में डिलीवरी के बाद प्रसूता को सुबह तथा शाम को भोजन व नाश्ता मिलने की सुविधा कई साल से बंद है।
स्टाफ नर्स द्वारा प्रति डिलीवरी में 1500 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक सुविधा शुल्क की वसूली के आरोप लगाए। सीएचसी में व्याप्त अव्यवस्थाओं में सुधार न कर पाने वाले अधीक्षक के स्थानांतरण की मांग की।
डीएम ने सीएमओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव को तीन दिन के भीतर सीएचसी में भोजन व्यवस्था को संचालित करने के निर्देश दिए। वसूली पर जांच कर दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
यहां सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य, सीएमओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव, बीडीओ महुआ संजीव बघेल, अग्रणी बैंक प्रबंधक विनय पांडेय, एसडीएम विकास यादव, सीओ आनंद पांडेय, तहसीलदार तिमराज सिंह, इंस्पेक्टर अनूप दुबे भी मौजूद रहे।
मार्ग पक्का कराने की मांग उठाई
अतर्रा। संपूर्ण समाधान दिवस में भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी ने ग्रामीण क्षेत्र सहित तहसील अंतर्गत विभिन्न गांवों में अन्ना मवेशियों की समस्या डीएम के सामने उठाया। सपा नेता विवेक बिंदु तिवारी ने तहसील क्षेत्र अंतर्गत बदौसा से फतेहगंज रास्ते में सड़क निर्माण के दौरान छूटे हुए कच्चे मार्ग को प्रस्ताव में जोड़कर पक्का निर्माण कराने की मांग की।
जर्जर सड़क में आए दिन हो रहीं दुर्घटनाओं का जिक्र कर शेष बची सड़क को डामरीकरण कराने की मांग की। डीएम ने सभी समस्याओं का निस्तारण की बात कही।