बांदा। विभागीय लापरवाही परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले दो लाख 33 हजार 194 बच्चों पर भारी पड़ रही है। आधार सत्यापन का काम पूरा नहीं हो पाने के चलते बीते तीन महीने से छात्र पुराने या बिना यूनिफार्म के ही स्कूल जाने को मजबूर हैं। आधार सत्यापन का काम कब तक पूरा हो पाएगा, इसकी भी सटीक जानकारी छात्रों को नहीं दी जा रही है। तमाम छात्र ऐसे भी हैं, जो यूनिफार्म नहीं होने की वजह से स्कूल नहीं जा रहे हैं।
सरकार के द्वारा जिले के 1528 परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों को निशुल्क यूनिफार्म दी जाती है। पिछले साल शासन ने यूनिफार्म खरीदने का पैसा अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेज दिया था। तमाम अनियमितताएं को देखते हुए इस बार बच्चों के आधार कार्डों का सत्यापन कराया जा रहा है, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस वजह से खातों में अभी पैसा नहीं आ पाया है।
एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो चुका है। बच्चे पुरानी फटी यूनिफार्म या बिना यूनिफार्म के स्कूल में नजर आ रहे हैं। कई परिवारों में बच्चों के पास ठीक कपड़े नहीं होने के चलते बच्चे स्कूल आने से कतरा रहे हैं। बीएसए प्रिंसी मौर्या का कहना है कि 75 फीसदी बच्चों का आधार सत्यापन हो चुका है। इस माह में सभी बच्चों का आधार सत्यापन हो जाएगा।