फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: कागजों में सिल्ट सफाई दिखाकर 64 लाख बहाए

विज्ञापन
फोटो 25 बीएनडीपी 02- तिंदवारा माइनर में जमा मलबा। संवाद - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। शासन ने रवि की फसल की सिंचाई करने के लिए माइनरों और रजबहों की सफाई के लिए जिले को एक करोड़ रुपये जारी किए थे। जिम्मेदारों ने केन नहर प्रखंड व सिंचाई प्रखंड तृतीय के 149 माइनरों की कागजों पर सफाई दिखाकर 64 लाख का बजट बना दिया। शिकायत होने पर लखनऊ से आई तीन सदस्यीय टीम ने माइनरों की मौके पर पहुंचकर हकीकत परखी। टीम इसकी रिपोर्ट शासन को देगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो टीम को कई माइनर ऐसे मिले हैं, जिनकी सिर्फ कागजों में सफाई कराई गई है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने रवि की फसलों की सिंचाई के लिए वर्ष 2022-23 में माइनरों की सिल्ट सफाई के लिए जिले को एक करोड़ का बजट मुहैया कराया था। विभागीय अफसरों ने ठेकेदारों के माध्यम से माइनरों की सिल्ट सफाई कराई है। इसमें केन नहर प्रखंड ने 133 माइनरों में 562 किलोमीटर सिल्ट की सफाई का दावा किया है। इसमें 23 किलोमीटर औगासी पंप नहर भी शामिल है। इस कार्य में करीब 50 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया है। इसी तरह से सिंचाई प्रखंड तृतीय ने 19 माइनरों में 48 किलोमीटर सिल्ट सफाई होना बताया है। इसमें 14.48 लाख खर्च दिखाया हैै।
ग्रामीणों का आरोप है कि नहरों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई है। खुदाई के नाम पर सिर्फ नहरों में उगे पेड़ पौधों को ही साफ किया गया है। नहरों में पानी छोड़ा गया तो उपयोग कम और बर्बादी अधिक होगी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद शासन ने नहरों की सिल्ट सफाई की जांच के लिए डीके मिश्र अधीक्षण अभियंता लखनऊ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
विज्ञापन

टीम ने तीन दिन तक मुख्यालय में रहकर माइनरों की सिल्ट सफाई का काम मौके पर जाकर देखा। टीम ने अलोना, महुटा, अलिहा, तिंदवारी, बबेरू रजबहा की कई नहरों की सिल्ट सफाई देखी। टीम ने अतर्रा क्षेत्र की नहरों में टेल तक की स्थिति परखी। विभागीय सूत्रों के अनुसार माइनरों की सिल्ट की सफाई में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है। मानक के अनुरूप माइनरों की सफाई नहीं की गई। सिर्फ सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है।
10 जनवारी से छोड़ा जाना है पानी
जिस तरह से कागजों पर माइनर व रजबहों की सफाई हुई है। इसके चलते रबी फसल के लिए 10 जनवरी से नहरों में छोड़े जाने वाले पानी का उपयोग कम और बर्बादी ज्यादा होगी। टीम शनिवार को मुख्यालय के लिए रवाना हो गई है। सोमवार को जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। अधीक्षण अभियंता (सिंचाई) श्याम जी चौबे का कहना है कि सिल्ट सफाई के बाद शासन स्तर पर टीम गठित कर नहर सफाई का मैनुअल सत्यापन कराया जाता है। टीम की हरी झंडी के बाद सिल्ट सफाई के भुगतान की कार्रवाई शुरू की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें