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बांदा : 18 घंटे ठप रही मेडिकल कॉलेज की बत्ती, इमरजेंसी सेवाएं धड़ाम, वार्डों में मोबाइल की रोशनी में मरीजों को लिखीं दवाएं, हाईटेंशन लाइन टूटने और ट्रिपिंग से बिजली गुल रही

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बांदा। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को बिजली ‘दर्द’ दे रही है। पहली बारिश में हाईटेंशन लाइन टूटने और ट्रिपिंग से लगभग 18 घंटे बिजली ठप रही। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह धड़ाम रहीं। एक्सरे, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी आदि सेवाएं बाधित रहीं। मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में 270 मरीज भर्ती हैं। रात को करीब 8 बजे बिजली गुल हुई तो अगले दिन दोपहर एक बजे आ सकी। इस दौरान वार्डों में भर्ती मरीजों का बुरा हाल रहा। हाथ पंखे के सहारे रात गुजारी। डॉक्टरों ने मोबाइल की रोशनी में मरीजों को दवाएं लिखीं।
सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन नहीं हुए
अंडर ग्राउंड केबल में फाल्ट आने से जिला अस्पताल में बुधवार को शाम 9 बजे बिजली गुल हो गई। अगले दिन दोपहर 3 बजे तक नहीं आई। यहां 79 मरीज भर्ती हैं। बिजली न आने से गुरुवार को सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पैथालॉजी आदि सेवाएं ठप रहीं। आपरेशन भी नहीं हो सके। ट्रामा सेंटर की माइनर ओटी में घायलों को टांके आदि मोबाइल की रोशनी में लगाए गए।
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प्राचार्य डा. मुकेश कुमार यादव से सवाल जवाब
- सवाल : मेडिकल कॉलेज की बिजली गुल रही, आपने क्या किया?
जवाब : जेनरेटर चलाकर जरूरी सेवाएं बहाल रखीं। ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ऑक्सीजन प्लांट व इमरजेंसी में जेनरेटर से आपूर्ति की गई।
- सवाल : बिजली गुल होने पर वार्डों में भर्ती मरीजों को दुश्वारियां हो रही हैं? गर्मी से जूझना पड़ता है?
जवाब : जेनरेटर से पूरे अस्पताल की आपूर्ति नहीं की जा सकती। तीन आवश्यक सेवाओं के लिए तीन जेनरेटर चलाए गए। इनमें 600 लीटर डीजल खप गया। शासन से डीजल का बजट भी नहीं मिल रहा।
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नहीं मिला डीजल के लिए बजट
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि जेनरेटर पुराना है। फिर भी इससे जरूरी सेवाएं बहाल रखी गईं। जेनरेटर से पूरे अस्पताल को बिजली देना मुश्किल है। एनएचएम से डीजल के लिए कोई बजट भी अब तक नहीं दिया गया।
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वर्जन
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नरैनी रोड में पेड़ अधिक हैं। बारिश और हवा में पेड़ की डालियां तारों से टकराने पर ट्रिपिंग और फाल्ट हुए। इसी वजह से मेडिकल कॉलेज की बिजली गुल रही। दो टीमों ने पेट्रोलिंग और मरम्मत कर दोपहर एक बजे बिजली बहाल कर दी।
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- अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता (नगरीय), बिजली विभाग, बांदा।
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