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बांदा : स्कूली बच्चों को ढो रहे 148 अनफिट वाहन

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Banda: 148 unfit vehicles carrying school children - फोटो : BANDA
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बांदा। स्कूली बच्चों को लाने और ले जाने में लगीं स्कूल वैन और बसें उनकी जान को जोखिम में डाल रहीं हैं। जिले में स्कूल प्रबंधन के 148 वाहन ऐसे हैं, जो आरटीओ के मानक पर खरे नहीं हैं। अनफिट पाए जाने पर आरटीओ ने स्कूल प्रबंधन के वाहनों का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया है, बावजूद इसके ये वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसी तरह निजी संचालकों की करीब 250 वैन बिना परमिट के दौड़ रही हैं।
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जिले में सीबीएसई और यूपी बोर्ड के करीब 119 स्कूलों में 300 वाहन रजिस्टर्ड हैं। आरटीओ ने स्कूलों के इन वाहनों की जांच कराई थी। मानक पर खरा न उतरने पर 148 वाहनों को अनफिट घोषित कर उनका रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया है।
मगर चोरी छिपे ये वाहन चल रहे हैं। निजी वैन की हालत तो इनसे भी ज्यादा खराब है। ये न तो स्कूल प्रबंधन की मानते हैं और न ही आरटीओ इन पर शिकंजा कस पाता है। कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में भी बिना फिटनेस के खटारा स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं।
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स्कूली वैन या बस को दो तरह से परमिट दिया जाता है। स्कूल प्रबंधन की वैन और निजी वैन का स्कूल से अनुबंध होने का अलग अलग परमिट जारी किया जाता है। स्कूल प्रबंधन की पूरी वैन पीले रंग की होती है, जबकि अनुबंधित निजी वैन में चारों तरफ पीली पट्टी होती है।
स्कूल की वैन सात सीटर होती है। वैन की खिड़कियों में रॉड लगी होनी चाहिए ताकि बच्चे बाहर मुंह न निकाल सकें। वैन में स्कूल का नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखा होना चाहिए। बच्चों के बैग रखने के लिए कैरियर होना चाहिए। एलपीर्जी इंधन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। वाहन की अधिकतम गति शहरी क्षेत्र में 30 किमी और हाइवे पर 50 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो।
शहर के स्कूलों में लगीं अधिकतर वैन पुरानी और कंडम हैं। बिना आरटीओ की अनुमति के एलपीजी या सीएनजी किट लगवाई गई हैं। एक एक वैन में 12 से 17 बच्चों को बैठाया जाता है। जगह न होने पर एलपीटी किट के ऊपर तक बैठाते हैं। एक से ज्यादा स्कूलों में लगी वैन समय बनाने के चक्कर में 70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ती हैं। , जबकि शहर में 30 किमी प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड नहीं होनी चाहिए।
स्कूलों में लगी बच्चों को लाने और ले जाने वाले वाहनों के फिटनेस को लेकर परिवहन विभाग द्वारा जागरूक किया जाता है। स्कूल की भी जिम्मेदारी है कि वह फिटेनस को लकेर सतर्क रहें।
-विनोद सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, बांदा।
स्कूली वाहनों के फिटनेस को लेकर विभाग सतर्क है। 148 विद्यालय वाहनों को अनफिट घोषित किया जा चुका है। बीच-बीच में चेकिंग के दौरान विद्यालय वाहन के मानक देखे जाते हैं। -शंकर जी सिंह, एआरटीओ, बांदा
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