कमासिन (बांदा)। मरका घाट में यमुना नदी पर हुए नाव हादसे के पांचवें दिन सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने एक और शव बरामद कर लिया। इसे मिलाकर अब तक 13 शव मिल चुके हैं। सरकारी दावों के मुताबिक अभी दो लोग लापता हैं। उधर, एनडीआरएफ टीम लौट गई है। शेष लापता लोगों की तलाश में एसडीआरएफ टीम जुटी हुई है।
छह दिन बीत जाने के बाद भी टीमें और गोताखोर डूबी नाव को तलाश नहीं पाए। न ही नाव में रखी बाइकें और कई साइकिलें मिल सकी हैं। सोमवार को शाम करीब 5 बजे एसडीआरएफ टीम को घटनास्थल के करीब मरका घाट में महिला का शव मिला। यह काफी क्षत-विक्षत अवस्था में था। कपड़ों और हुलिया के आधार पर बांदा के निभौर गांव की सीता देवी निषाद के रूप में शिनाख्त हुई है। इनके पति रामबाबू निषाद भी नाव पर सवार थे। उनका शव पहले मिल चुका है।
मरका थाना के एसआई अनुराग पांडेय की अर्जी पर डीएम ने सोमवार की रात ही पोस्टमार्टम कराया।
लापता लोगों के परिजन घाट किनारे डटे
यमुना नदी किनारे अभी भी पुलिस और ग्रामीण मौजूद हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव में लगभग 50 लोग सवार थे। लेकिन सरकारी आंकड़ों में 32 सवार बताए गए हैं। इनमें 17 बच निकले थे। 13 शव मिल गए। अब सिर्फ दो लापता हैं। इनके परिजन घाट पर टकटकी लगाए बैठे हैं।