बांदा। लगातार बढ़ रहे तापमान के साथ गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोगों का बुरा हाल है। सीएमएस डा. आरके गुप्ता के मुताबिक लू-लपट से बचने का प्रयास करें, खासतौर पर बच्चों को तो दिन में बेवजह घरों से बाहर बिल्कुल भी न निकलने दें। जरा सी भी लापरवाही सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। गर्मी अधिक होने पर सिर दर्द, उल्टी-दस्त का खतरा बना रहता है, इसे डिहाइड्रेशन भी कहते हैं।
कैसे करें बचाव
- घर से बाहर निकलने के पहले भरपेट पानी अवश्य पीएं। धूप में निकलते समय सूती, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें। अपना सिर ढककर रखें, टोपी, कपड़ा, छतरी का उपयोग करें। पानी, छांछ, ओआरएस का घोल या घर में बने पेय पदार्थ का सेवन करें। लस्सी, नीबू पानी, आम का पना आदि का सेवन करें। भरपेट ताजा भोजन करके ही घर से निकलें, धूप में अधिक न निकलें
क्या न करें
- धूप में खाली पेट न निकलें, शरीर में पानी की कमी न होने दें। मिर्च मसाले युक्त और बासी भोजन न करें। धूप में अधिक न निकलें, कूलर या एसी से एकदम धूप में न निकलें।
लू के लक्षण व उपाय
- सिर दर्द होना, बुखार आना, उल्टी, अत्यधिक पसीना और बेहोशी आना, कमजोरी, महसूस होना, शरीर में ऐंठन और नब्ज असामान्य होना। व्यक्ति को छायादार जगह पर लिटाएं, व्यक्ति के कपड़े ढीले करें। उसे पेय पदार्थ कच्चे आम का पना आदि पिलाएं। तापमान घटाने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां सिर और बदन पर रखें।