बांदा। नामांकन के लिए कलक्ट्रेट के आसपास चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया था। प्रशासन का दावा था कि जाम नहीं लगने दिया जाएगा। इसके बावजूद राहगीरों को भीषण जाम से जूझना पड़ा।
प्रत्याशियों के काफिले में आए वाहनों की लंबी कतार की वजह से रोडवेज बस स्टैंड से लेकर अतर्रा चुंगी तक नेशनल हाईवे में वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इनमें रोडवेज बसों के अलावा एंबुलेंस, अधिकारियों के वाहन व स्कूली बसें भी फंसी रहीं। दोपहर की चिलचिलाती धूप में जाम से जूझते राहगीर व वाहनों में सवार यात्री बेचैन रहे। शाम चार बजे के बाद जाम से छुटकारा मिल सका।
सोमवार को दोपहर 12 बजे भाजपा प्रत्याशी का काफिला जैसे ही पहुंचा, झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहनों जाम में फंस गए। दोपहर के समय कई स्कूलों की छुट्टी हुई तो छात्र-छात्राओं के लेकर आई वैन, बसें व ई-रिक्शा भी इसी जाम में फंस गए। डिप्टी सीएम की जनसभा व नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद जब प्रत्याशी का काफिला वापस निकला तब कहीं जाम से छुटकारा मिला।