खप्टिहाकलां (बांदा)। अन्ना मवेशी सिर्फ किसानों की फसलें ही नहीं खराब कर रहे हैं, बल्कि उनके रिश्ते भी बिगाड़ रहे हैं। कई बार तो किसानों के बीच कहासुनी मारपीट तक पहुंच जाती है। कभी महीनों व सालों तक की बातचीत भी बंद हो जाती है। कई मामले चौकी थानों तक पहुंच चुके हैं। अन्ना मवेशियों से आजिज कई गांवों के प्रधान शुक्रवार को डीएम दफ्तर पहुंचे। उन्हें शिकायती पत्र सौंपकर मवेशियों को गोशाला पहुंचाने की मांग की।
क्षेत्र के रेहुटा प्रधान ओमकार निषाद, पिपरहरी प्रधान सुरेंद्र सिंह, खप्टिहां कला प्रधान मैना देवी, अमलोर प्रधान प्रवीण सिंह प्रिया, कुकुआ प्रधान अमर निषाद सहित शिव विजय सिंह, शिव सिंह व रमेश निषाद आदि किसानों ने डीएम को बताया कि क्षेत्र में लगभग 300 मवेशियों का झुंड फसलों को उजाड़ रहा है। ये मवेशी किस गांव के हैं, कोई नहीं जानता है। इनके खेतों में घुसने के कारण आसपास गांवों के किसानों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। किसान लाठी-डंडे लेकर निकल आते हैं। इससे शांति भंग की आशंका बनी रहती है।
पिपराही गांव के किसान बबलू द्विवेदी ने बताया कि इसकी शिकायत किसानों तथा ग्राम प्रधानों ने हमीरपुर सांसद पुष्पेंद्र चंदेल से कई बार लिखित रूप से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसान बबलू द्विवेदी ने बताया की मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए रात-दिन एक कर रहे हैं। भीषण ठंड में खेतों पर रहकर फसलों की रखवाली के लिए विवश हैं, फिर भी फसलें नहीं बच पा रहे हैं। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य का कहना है कि गोशालाओं में पर्याप्त इंतजाम हैं। मवेशियों को गोशालाओं तक पहुंचाने के लिए जल्द निरीक्षण किया जाएगा।
केस- एक
मवेशियों को हांकने पर हुई थी मारपीट
रेहुटा गांव में करीब तीन माह पूर्व मवेशियों को हांकने में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इसके एक ग्रामीण के सिर पर भी चोट लगी थी। बाद में ग्रामीणों की मदद से मामले में समझौता कराया गया था। आज भी दोनों पक्षों के लोगों के बीच बातचीत बंद है।
केस- दो
ग्रामीणों में चल गई थीं लाठियां
आठ माह पूर्व अतर्रा के थाना बिसंडा थाना क्षेत्र में मवेशी भगाने की बात पर चंद्रायल व पुनाहार गांव के लोगों के बीच जमकर लाठियां चटकी थीं। इसमें तीन लोग घायल भी हुए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया था और दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की थी।
केस-तीन
पंचायत तक पहुंच गई थी बात
कुकुआ गांव में साल भर पहले खेत से हांके गए मवेशी, जब दूसरे के खेत में चले गए तो किसानों और घरों की महिलाओं के बीच भी मारपीट हुई थी। कई दिन चली पंचायत के बाद मामला शांत हो सका था। जिन परिवारों के बीच मारपीट हुई थी, उनमें आज भी तनातनी चल रही है।
हाईवे और कूड़े के ढेर पर मवेशी, हादसे की आशंका
बांदा (अतर्रा) नरैनी। भीषण ठंड में भी अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में नहीं पहुंचाया जा रहा है। अतर्रा के बांदा रोड पर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप एनएच रोड पर पूरे दिन अन्ना मवेशियों का झुंड बैठा व टहलता नजर आता है। इस कोहरे में अक्सर इन मवेशियों के कारण हादसों की आशंका बनी रहती है। नरैनी प्रतिनिधि के अनुसार मवेशी सड़कों व चौराहों पर कूड़े के ढेर के आसपास झुंड की शक्ल में दिखाई दे रहे हैं। इनकी वजह से सड़क हादसे होने की भी आशंका बनी रहती है। हैरत की बात तो यह है कि अधिकारी भी गुजरते वक्त मवेशियों को देखकर, जिम्मेदारों से जवाब तलब करने के बजाय मुंह मोड़ कर निकल जाते हैं। (संवाद)