बांदा। इस्लाम दुनिया की तालीम और तरक्की से परहेज का सबक हरगिज नहीं देता, लेकिन दीन का इल्म और उस पर अमल बगैर सच्चा मुसलमान नहीं बना जा सकता। यह बात शनिवार की रात शहर की मरकज मस्जिद (कोतवाली रोड) में तरावीह में कुरान पूरा होने के बाद मौलाना स्वालेह आज़मी (हथौरा) ने अपनी तकरीर में कही।
उन्होंने खासकर मुस्लिम युवाओं पर जोर दिया कि अपनी पढ़ाई लिखाई, कारोबार, नौकरी आदि के साथ कुरान जरूर पढ़ें और उसे समझें भी। कुरान की हिदायतों पर अमल करके दीन और दुनिया दोनों संवारने की सलाह दी। तकरीर के बाद दुआ हुई। हाफिज जुनेद ने छह दिन में कुरान सुनाया। मस्जिद इंतजामिया के हाजी महफूज और हाजी हिफ्जुर्रहमान तथा हाजी हफीजुर्रहमान आदि ने नमाजियों को सहूलियतें मुहय्या कराई। डीसीए सचिव वासिफ जमा, सपा के खेलकूद विंग प्रदेश प्रभारी हसनुद्दीन सिद्दीकी, समाज सेवी मुजीब अहमद, सपा पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू आदि शरीक रहे।
पहले अशरे में कई जगह कुरान पूरा
रमज़ान के पहले अशरे में कई मस्जिदों में तरावीह में कुरान सुनने और सुनाने का काम पूरा हो गया।जरैली कोठी में मस्जिद कमेटी अध्यक्ष इकबाल अहमद और सेक्रेटरी सईद अहमद ने बताया कि यहां तीन दिन में कुरान सुनाया गया। आरिफ खां आदि रहे। केवटरा ईदगाह में भी तीन दिन में कुरान पूरा किया गया। उधर, नवाबी जामा मस्जिद में रमजान की 9 वीं को कुरान पूरा होगा। मुतावल्ली डाॅ. शेख सादी जमा ने बताया कि हथौरा के हाफिज अनस अहमद कुरान सुना रहे हैं। यहां रोज़ाना सामूहिक इफ्तार भी चल रहा है। शेख सरवर की मस्जिद, हाथी खाना रब्बानिया मस्जिद, अलीगंज, छावनी, गूलर नाका आदि समेत सभी मस्जिदों में तरावीह जारी है।