बांदा। पितृ पक्ष में पूर्वजों को जल तर्पण की परंपरा तो है ही साथ ही पशु-पक्षियों को दाना परोसकर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी जाती है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के समय पूर्वजों की आत्मा का वास गाय और कौवों में होता है। इसीलिए इन दिनों श्रद्धालु इस पशु और पक्षी को रोजाना भोजन परोस रहे हैं। यह चित्र केन नदी किनारे तटबंध का है। यहां दाना या भोजन परोसने आए श्रद्धालुओं को देखते ही कौवों का जमघट लग जाता है। श्रद्धालु उन्हें मूंग की दाल और पकौड़ी खिलाकर पुण्य कमा रहे हैं।