बांदा। जश्ने ईद मीलाद के सिलसिले में बुधवार की रात हाथी खाना में जलसा हुआ। इसका आयोजन खुद्दामे मुस्तफा कमेटी ने किया था। देर रात तक नात और तकरीर गूंजती रहीं। मौलाना असअर रब्बानी की तिलावत से शुरूआत हुई। मौलाना नैय्यर रब्बानी ने कहा कि पैगंबर की यौमे विलादत पर आसमान से दुनिया में फरिश्ते भेजे गए थे। पूरी दुनिया में जश्न मनाया गया। मौलाना अजहर रब्बानी ने यौमे विलादत को इस्लाम में सबसे अहम दिन बताया। सैय्यद मसरूर रब्बानी और असर रब्बानी ने नात पेश की। जलसे की सदारत मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) और संचालन जीशान इलाहाबादी ने किया। हाजी चांद मियां, अब्दुल खालिक, शहंशाह, नसीब, इमरान अली, मेराज, नफीस, इसराइल आदि शामिल रहे। ब्यूरो