बांदा। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत आयोजित दो दिवसीय किसान मेले और ड्राप मोर क्राप योजना की मंडलीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। मंडलायुक्त ने फल शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी से संबंधित स्टाल देखे। उत्कृष्ट उत्पाद में मंडल के चारों जिलों के 78 किसानों को सम्मानित किया गया।
जिला उद्यान विभाग परिसर में मंडलीय फल शाकभाजी और पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। वर्कशाप में 127 किसानों ने प्रतिभाग किया। समापन पर मंडलायुक्त आरपी सिंह ने स्टाल देखे। कहा कि परंपरागत कृषि तकनीकी से हटकर उन्नत पद्धति व बागवानी की खेती करके ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। बुंदेलखंड की मिट्टी और जलवायु मुसम्मी, नींबू व अमरूद की खेती के लिए उपयुक्त है। गुणवत्तापरक खेती के जरिए ही किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने किसानों द्वारा लगाए उत्पाद संबंधी स्टालों की सराहना की।
मंडलायुक्त ने 38 किसानों को प्रथम, 23 किसानों को द्वितीय और 17 किसानों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया। जिला उद्यान अधिकारी आरके साहू ने आभार जताया। संचालन लेखराज निरंजन ने किया। उधर, किसान मेला में ज्यादातर कुर्सियां खाली रहीं। किसानों का आरोप है कि प्रचार-प्रसार नहीं कराया गया। रस्म अदायगी में कार्यक्रम निपटा दिया गया।
इन किसानों को मिला प्रथम पुरस्कार
लाल मिर्च में रामयश सिंह (गढ़वा मऊ, चित्रकूट), कद्दू, बैंगन व फूलगोभी में जाहिद अली (अतर्रा), प्याज में रज्जन (कुरारा, हमीरपुर), देशावरी पान में राजकुमार चौरसिया (महोबा), गमलों के समूह के लिए वसुंधरा नर्सरी (बड़ोखर खुर्द), बेर में रामरतन प्रजापति (बिवांर, मुस्करा, हमीरपुर), ड्रैगन फ्रूट के उत्कृष्ट प्रदर्शन में ललक सिंह (पचनेही) आदि शामिल हैं।