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Banda News: बांदाः दो साल में बढ़ गए 65 और जर्जर परिषदीय स्कूल

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सैमरी स्कूल का जर्जर भवन। - फोटो : BANDA
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बांदा। दो साल में जिले में 65 और परिषदीय स्कूल जर्जर हो गए। वर्ष 2020-21 में जिले में 104 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय जर्जर चिह्नित किए गए थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 169 हो गई है। इन्हें खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जर्जर माना गया है। ये जर्जर हैं या नहीं? यह तकनीकी कमेटी की सत्यापन रिपोर्ट के बाद तय होगा।
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शासन ने जर्जर स्कूलों को गिराकर नए स्कूल बनाने का आदेश दिया था। शासनादेश जारी होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कवायदें शुरू कर दीं। वर्ष 2020-21 में 104 विद्यालय चिह्नित कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई।
कोविड काल शुरू होने पर नए भवन निर्माण की कवायद शुरू नहीं हो सकी और फाइलें जहां के तहां अटक गईं। नतीजे में दो साल गुजर गए और 65 जर्जर विद्यालय और चिह्नित हो गए। अब इनकी संख्या बढ़कर 169 हो गई है। अभी भी इन स्कूलों का न ध्वस्तीकरण हुआ और न ही निर्माण शुरू हो सका।
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खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जर्जर स्कूलों की भेजी गई सूचना का सत्यापन शुरू हो गया है। इसका सत्यापन तकनीकी समिति कर रही है। इसमें अधिशासी अभियंता (आरईएस), सहायक अभियंता (लघु सिंचाई विभाग) और सहायक अभियंता (पीडब्ल्यूडी) शामिल हैं। स्कूल ध्वस्तीकरण योग्य हैं या नहीं? अथवा निर्माण की लागत क्या होगी? आदि बिंदुओं पर जांच होगी। साथ ही मलबे की नीलामी में रुपयों आंकलन भी समिति करेगी। फिलहाल अभी तक न जर्जर स्कूल ध्वस्त हुए और न ही किसी पर निर्माण शुरू हुआ।
अवर अभियंताओं ने शुरू किया सर्वे
बांदा। शासन ने प्राथमिक विद्यालय भवन निर्माण के लिए लगभग 11,42,000 और पूर्व माध्यमिक विद्यालय निर्माण के लिए करीब 18,79,000 रुपये निर्धारित किए हैं। जिले में चिह्नित किए गए स्कूलों के निर्माण के लिए शासन से बजट भी जारी हो गया है। लेकिन तकनीकी कमेटी की सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही काम शुरू हो सकेगा। पहले चरण में बिसंडा और नरैनी क्षेत्रों में अवर अभियंताओं द्वारा सर्वे शुरू कर दिया गया है। जिले में आठ ब्लॉक हैं।
वर्जन
जिले में 169 स्कूल जर्जर चिह्नित किए गए हैं। तीन सदस्यीय तकनीकी समिति इनका सत्यापन कर रही है। समिति की रिपोर्ट के बाद तय होगा कि कितने स्कूल गिरने लायक हैं या कितने मरम्मत योग्य हैं? 21 स्कूलों की मरम्मत की जा चुकी है। प्रत्येक विद्यालय में औसतन 100 से 130 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। ऐसे में जर्जर स्कूलों में लगभग 18 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। - मोहम्मद आमिर खां, जिला समन्वयक (निर्माण)
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बेसिक शिक्षा विभाग, बांदा।
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