बांदा। लोकसभा चुनाव में जाति विशेष के पक्ष में डरा-धमकाकर मतदान न कराए जा सकें और कहीं विवाद की स्थिति न पैदा हो, इसके लिए निर्वाचन विभाग ने बल्नरेबल व क्रिटिकल मतदान केंद्र और मतदेय स्थलों को चिन्हित किया है। जनपद की चारों विधानसभाओं में 47 बल्नरेबल व 150 क्रिटिकल मतदेय स्थल बनाए गए हैं। यहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्थाएं रहेंगी ताकि कोई मतदान प्रभावित न कर सके और आयोग की मंशानुरूप चुनाव हो सकें।
जनपद की बांदा-चित्रकूट और हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय क्षेत्र के चुनाव चौथे चरण में 20 मई को होने है। निर्वाचन आयोग चुनाव को शांति पूर्ण माहौल और पूरी पारदर्शिता के साथ कराने में जुटा है। जनपद के तिंदवारी, बबेरू, नरैनी और बांदा विधानसभा क्षेत्रों में 1359 मतदेय स्थल और 831 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी एस रजौरिया के मुताबिक तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर-महोबा लोकसभा क्षेत्र में पड़ती है। यहां 346 मतदेय स्थलों व 224 मतदान केंद्र हैं।
इनमें आठ मतदेय स्थल व आठ मतदान केंद्र वल्नरेबल हैं व 41 मतदेय स्थल और 28 मतदान केंद्र क्रिटिकल हैं। बबेरू विधानसभा में 350 मतदेय स्थल व 221 मतदान केंद्र हैं। इनमें दस मतदेय स्थल व चार मतदान केंद्र वल्नरेबल श्रेणी में हैं, जबकि 35 मतदेय स्थल व 28 मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी में हैं। मध्य प्रदेश की सीमा से सटी नरैनी विधानसभा में 373 मतदेय स्थल व 238 मतदान केंद्र हैं। इनमें 15 मतदेय स्थल व 11 मतदान केंद्र वल्नरेबल और 37 मतदेय स्थल व 33 मतदान केंद्र क्रिटिकल हैं।
इसी तरह सदर विधानसभा क्षेत्र में 320 मतदेय स्थल व 148 मतदान केंद्र में चुनाव होने हैं। यहां निर्वाचन विभाग ने 47 मतदेय स्थल व 31 मतदान केंद्र वल्नरेबल चिह्नित किए हैं। जबकि 37 मतदेय स्थल व 28 मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी में चिह्नित हैं। उन्होंने बताया कि जो वल्नरेबल श्रेणी के मतदान केंद्र हैं, वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। वीडियो ग्राफी के साथ यहां ड्रोन से भी निगरानी होगी। जबकि क्रिटिकल श्रेणी के मतदेय स्थलों पर भी माइक्रो आब्जर्बर के अलावा विशेष निगरानी टीमों को लगाया जाएगा।