बांदा। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना में जिले के 568 गांवों को पीने का शुद्ध पानी दिया जाना है, लेकिन इस साल भी गर्मी में 387 गांवों के ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिलना मुश्किल दिख रहा है। योजना के तहत तीन साल में सिर्फ 180 गांवों के लोगों को ही पीने का शुद्ध पानी मिल सका है।
जल जीवन मिशन के तहत हर-घर नल जल योजना की शुरुआत वर्ष 2020-2021 में हुई थी। 2036 करोड़ की लागत से जिले की खटान व अमलीकौर परियोजना में चिल्ला स्थित यमुना नदी से हर रोज 262 मिलियन घन (एमएलडी) लीटर पानी लेकर जिले के 568 गांवों के 2.31 लाख घरों में मार्च 2022-2023 तक पहुंचाना था, लेकिन शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी योजना के कार्य गति नहीं पकड़ रहे है।
1494 करोड़ खर्च करने के बाद भी जल निगम के अधिकारी दोनों परियोजनाओं से सिर्फ 180 गांवों में 45 हजार घरों को ही पीने का पानी उपलब्ध करा सके है, यानी इस वर्ष भी शेष 387 गांवों के करीब पौने दो लाख लोगों को पीने के शुद्ध पानी के लिए तरसना होगा। काम में देरी पर खटान परियोजना का कार्य कराने वाली कार्यदायी संस्था एलएंडटी पर पांच करोड़ व अमलीकौर का काम कराने वाली संस्था एनसीसी पर सात करोड़ का जुर्माना हो चुका है।
दोनों परियोजनाओं मेंं 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। परियोजनाओं में कुछ गांव और बढ़ाए गए हैं। जिससे काम में देरी हो रही है। मार्च तक काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।-महेंद्रराम, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण)