बांदा। दिसंबर में गरीब और असहाय बेटियों के हाथ पीले करने से बचे माता-पिता की चिंता जल्द दूर होगी। वित्तीय वर्ष का दूसरा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आठ फरवरी को होगा। इसके लिए शासन ने 22 करोड़ 44 लाख की धनराशि समाज कल्याण विभाग को भेज दी है।
डीएम दीपा रंजन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दूसरे चरण का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आठ फरवरी को होगा। शासन ने जिले को 440 बेटियों की शादी का लक्ष्य दिया है। बीडीओ सहित नगर पालिका व पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह ज्यादा से ज्यादा जोड़ों का पंजीयन कर गरीब कन्याओं को लाभ दिलाएं।
समाज कल्याण अधिकारी को सामूहिक विवाह में जन प्रतिनिधियों व अफसरों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। कार्यक्रम में कोई कमी न होने पाए। उधर, समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह का कहना है की सामूहिक विवाह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पंजीयन पर जोर दिया जा रहा है। सामूहिक विवाह का लक्ष्य कम या ज्यादा हो सकता है।
110 जोड़ों के ही हुए हैं पंजीयन
योजना के लिए जिलेभर में 440 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक सभी ब्लॉकों से 110 जोड़ों के विवाह के ही पंजीयन हुए हैं। ऐसे में ब्लॉक स्तर पर विभागीय अफसरों से लक्ष्य के अनुसार शादी कराने के लिए जोड़ों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते अफसर ब्लॉकों के ऐसे पात्रों को चयनित कराने की कवायद में हैं।
कन्या के खाते में भेजे जाएंगे 35 हजार नकद
योजना के तहत शासन ने प्रति कन्या के विवाह के लिए 51 हजार की धनराशि जारी की है। इसमें 35 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके अलावा 10 हजार रुपये के कपड़े, बिछिया, पायल, बर्तन आदि उपहार दिए जाएंगे। छह हजार रुपये वैवाहिक कार्यक्रम के आयोजन में खर्च किए जाएंगे।