बांदा। डिप्थीरिया और डेंगू के बीच बुखार भी लोगों को तेजी से गिरफ्त में ले रहा है। 24 घंटे में जिला अस्पताल से पीड़ित 17 लोग भर्ती कराए गए।
इनमें छह बच्चे हैं। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों के अलावा सीएचसी और पीएचसी में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं।
उधर, उल्टी-दस्त व बुखार से वृद्ध की मौत हो गई। सितंबर में बुखार से तीन महिलाओं समेत सात लोगों की जान जा चुकी है।
शहर के शंकर नगर निवासी केबी शुक्ला (82) बुखार के साथ उल्टी-दस्त से ग्रसित थे। गुरुवार को हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।
यहां शुक्रवार को तड़के इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने कागजी खानापूर्ति पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
सितंबर माह में जिला अस्पताल में बुखार से केबी शुक्ला की यह सातवीं मौत थी।
उधर, पिछले 24 घंटे में बुखार पीड़ित 17 नए मरीज भर्ती हुए। इनमें 6 बच्चे भी हैं। उन्हें ट्रामा सेंटर और जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
बांदा। डिप्थीरिया (गला घोंटू) का प्रकोप जिले में थम नहीं रहा। दो और लक्षण युक्त बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके गले में सूजन है।
मवई गांव निवासी श्यामचरन के पुत्र प्रिंस (8) की शुक्रवार को हालत बिगड़ गई। दोपहर बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया।
डॉक्टर डिप्थीरिया के लक्षण मान रहे हैं। वहीं बबेरू सीएचसी क्षेत्र के ब्योंजा गांव निवासी मनोज कुमार के पुत्र आदित्य (11) की शुक्रवार को दोपहर हालत बिगड़ गई।
सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। डिप्थीरिया के लक्षण प्रतीत होने पर उसे भर्ती किया गया है। डिप्थीरिया वार्ड में मौजूदा में आठ मरीज भर्ती हैं।
बांदा। जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर के चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान ने बताया कि मौसम में बदलाव से बुखार और डायरिया के मरीज बढ़े हैं।
दिन में तेज धूप और रात को हल्की ठंड से मरीज बढ़ रहे हैं। रोजाना ओपीडी और ट्रामा सेंटर में आने वाले नए मरीजों में करीब 20-25 फीसदी बुखार और डायरिया के शामिल हैं।
बचाव के लिए हल्का भोजन करें। शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। धूप में सिर ढककर निकलें।