बांदा। बुंदेलखंड में कुदरत की बेरूखी से कराह रहे किसानों के जख्मों पर मरहम के लिए सरकार ने 16 करोड़ की धनराशि जारी की है। इसमें चित्रकूटधाम मंडल के तीन जनपदों को छह करोड़ मिलेंगे। शासन ने दो दिनों में प्रभावित किसानों की डाटा फीडिंग के निर्देश दिए हैं।
बुंदेलखंड के सातों जिलों में 10 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में रबी की बुआई की गई थी। 20 व 21 फरवरी को हुई ओलावृष्टि से बेमौसम बारिश से हमीरपुर को छोडक़र छह जनपदों की एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलों को खासा नुकसान पहुंचा। सर्वाधिक नुकसान जालौन, ललितपुर, महोबा में हुआ है। सबसे कम नुकसान चित्रकूट में हुआ। जनपद स्तर पर फौरी तौर पर किए गए सर्वे के बाद शासन ने प्रथम किस्त के रूप में जालौन को पांच करोड, ललितपुर व महोबा को तीन-तीन करोड़, बांदा व झांसी को दो-दो करोड़, चित्रकूट को एक करोड़ की धनराशि अवमुक्त की है।
अपर मुख्य अधिकारी राज्य आपदा रामकेवल ने जिलाधिकारियों को आदेश दिए है कि वह तीन दिन के अंदर बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों का डाटा फिडिंग का काम पूरा करें। ताकि उन्हें कृषि अनुदान का वितरण किया जाए। इसके साथ ही बीमा कंपनियों को निर्देश दिए है कि जिन फसलों को 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ ऐसे बीमित किसानों को तत्कालिक सहायता के रूप में क्लेम की 25 फीसदी राशि देने की कार्रवाई शुरू करें।
41 गांवों की 8193 हेक्टेयर फसल बर्बाद
नरैनी तहसील के बरियारपुर, बरूआकालिंजर, बदौसासानी, सढ़ा, परशहर, डल्हवा में 3436 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। बबेरू में बनकट, मुसीवां, औदहा, इंगुवा, जलालपुर, गौरा, टोलाकाजी, शाहपुर, चकटोला, औगासी, जाफरपुर, समगरा, समसुद्दीनपुर, पिंडारन, अधांव, भभुवा, करहुली, अरमार, बाकल, मऊ, देवरार, पन्नाह में 756 हेक्टेयर की फसल खराब हो गई। ओलावृष्टि से सर्वाधिक नुकसान पैलानी तहसील के 13 गांवों में हुआ है। यहां 4 हजार हेक्टेयर से अधिक की 50 फीसदी से अधिक फसलें खराब हो गई।
ओलावृष्टि से 13279 किसान प्रभावित
जिला प्रशासन ने शासन से पैलानी तहसील में 6,336 प्रभावित किसानों को कृषि अनुदान वितरण के लिए 5.50 करोड़, बबेरू तहसील के 1300 प्रभावित किसानों के लिए 2.93 करोड़ और नरैनी तहसील के 5743 प्रभावित किसानों को एक करोड़ की मांग की है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि शासन ने तत्कालीन सहायता के रूप में जनपद को दो करोड़ स्वीकृत किए है। प्रभावित किसानों के डाटा फिडिंग का काम शुरू हो गया है। नरैनी में 500, बबेरू में 1200, पैलानी में 1300 किसानों की डाटा फिडिंग हो गई है।
पोस्टमार्टम न होने सहायता राशि खारिज
दैवी आपदा में होने वाली जनहानि पर सरकार चार लाख की आर्थिक सहायता देती है। लेकिन इसके लिए पोस्टमार्टम अनिवार्य कर दिया गया है। दो दिन पहले नरैनी के लहुरेटा गांव में मिट्टी का टीला धसकने से हुई बच्चे साहिद की मौत पर पोस्टमार्टम नहीं हुआ। ऐसे में साहिद के परिजनों सहायता राशि से वंचित हो गए। एडीएम ने कहा कि इसकी जानकारी मुख्यमंत्री व राहत आयुक्त को भेज दी गई है।