बांदा। सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड के गांवों को 24 घंटे बिजली देने का मुख्यमंत्री का आदेश गुपचुप ढंग से बदल दिया गया है। अब यहां पहले की तरह 15 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। नौ घंटे रोजाना कटौती होगी। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने यह आदेश एक मार्च से लागू भी कर दिया है।
सूखे से मची त्राहि-त्राहि के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिसंबर में पावर कारपोरेशन को आदेश दिया था कि बुंदेलखंड के गांवों को 24 घंटे बिजली दी जाए। हालांकि पावर कारपोरेशन तमाम कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री के इस आदेश को पूरी तरह अमल नहीं कर सका था।
अधिकतम 18 से 20 घंटे बिजली ही मिल पा रही थी। कुछ इलाकों में 22 घंटे तक बिजली आपूर्ति हो रही थी। वोल्टेज बढ़ाने के भी कई कदम उठाए गए थे। पावर कारपोरेशन के एमडी समेत निदेशक और अन्य उच्चाधिकारी इस बीच कई बार बुंदेलखंड आए थे। बिजली आपूर्ति में सुधार होने से गांवों में किसानों को काफी राहत मिली थी। सिंचाई से कुछ खेती कर ली गई थी।
बुंदेलखंड के लिए मुख्यमंत्री अभी भी राहत पैकेजों की घोषणाएं कर रहे हैं लेकिन बिजली में अब तक मिलती रही राहत शायद खत्म कर दी गई है। हालांकि इसकी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई, लेकिन अमल शुरू हो गया है।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में एक मार्च से मात्र 15 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल लागू हो गया है। इसकी पुष्टि कारपोरेशन के मुख्य अभियंता एके सक्सेना और अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) उमेश वर्मा ने भी की है। उन्होंने बताया कि अब चारों जिलों में रोस्टिंग की जा रही है। सुबह 4 से 7, दोपहर 10 से 1 और शाम 7:30 से रात 10:30 तक कटौती शुरू हो गई है।