1445 teams will knock at homes in search of patients
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बांदा। दस्तक अभियान के तहत 1445 टीमें घर-घर जाकर पांच तरह की बीमारियों और मच्छरों का पता लगाएंगी। बीमारों की सूची तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपेंगी। उनका उपचार किया जाएगा। अभियान 30 जुलाई तक चलेगा।
शनिवार से दस्तक अभियान शुरू हो गया। इसके लिए गठित टीमों में 1445 आशा और 1407 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। एएनएम, हेल्थ सुपरवाइजर और बेसिक हेल्थ वर्कर्स को भी निगरानी में लगाया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) पूजा अहिरवार ने बताया कि टीमें घर-घर जाकर परिवार के लोगों से मलेरिया, टीबी, जुकाम व बुखार आदि की जानकारी लेगी।
दस्तक अभियान में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की सूची भी तैयार की जाएगी। इसे एएनएम के जरिए ब्लाक मुख्यालयों को भेजी जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से पोषण पुनर्वास केंद्र में इलाज के लिए भेजा जाएगा। उनका मुफ्त इलाज होगा। साथ ही 12 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जिन्हें कोविड टीका नहीं लगा उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।