बांदा। खरीफ की फसल पर सूखे का संकट अभी टला नहीं है कि रबी की चिंता किसानों को सताने लगी है। मानसून का मौसम खत्म होने में अब तकरीबन एक माह ही बचे हैं, लेकिन मंडल के 15 बांधों में गंगऊ, बरियारपुर और लहचूरा छोड़कर अन्य सभी खाली हैं। बारिश का यहीं हाल रहा तो इसका असर रबी की फसल पर पड़ेगा। बांध खाली रहने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा।
चित्रकूटधाम मंडल में जुलाई, अगस्त में पर्याप्त बारिश न होने से मंडल 15 बांधों में गंगऊ, बरियारपुर और लहचूरा बांधों को छोड़कर अन्य सभी बांध खाली हैं। गंगऊ व बरियापुर बांध/वियर केन नदी में मध्य प्रदेश के छतरपुर व पन्ना जनपदों में बने हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश कम होने से गंगऊ में 65, बरियारपुर में 85 फीसदी पानी है।
इधर, धसान नदी पर बना लहचूरा बांध फुल है। मंडल के बांधों से निकली नहरों से खरीफ में 1.80 लाख व रबी में 3.85 हेक्टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई होती है। अगस्त में हुई थोड़ी बहुत बारिश से खरीफ का काम तो चल जाएगा, लेकिन बांध खाली रहे तो किसानों को रबी में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा।