बांदा। यूरिया मिलाकर महुआ शराब बनाकर तस्करी कर लोगों की जान से खिलवाड़ करने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मो. कमरूज्जमा खान की अदालत ने बुधवार को 10 वर्ष की जेल और 16,000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त जेल होगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी व सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि गिरवां पुलिस ने 28 फरवरी 2010 को होली पर बड़ोखर बुजुर्ग निवासी राजू आरख को उसके अमरूद के बगीचे में बनी झोपड़ी से अवैध मिलावटी शराब के साथ पकड़ा था। मौके से यूरिया व अन्य प्रतिबंधित सामग्री भी बरामद हुई थी।
आरोपी के खिलाफ यूरिया व अन्य तरल पदार्थ मिश्रित करके शराब बनाने व बेचने का मामला दर्ज कर जेल भेजा गया था। मामले में आरोप पत्र पेश किए गए। इसमें दूसरे आरोपी राजू आरख की पत्रावली अलग करके शेसन न्यायालय में भेजी गई। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पांच गवाह प्रस्तुत किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश नें दोष साबित होने पर राजू आरख को मिलावटी शराब बनाकर बेचने का दोषी पाया। इसके चलते उसे जेल व अर्थदंड की सजा सुनायी है।