बलरामपुर। निर्माणाधीन गैड़ास बुजुर्ग थाने के सामने अवैध कब्जे से आहत होकर आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक राम बुझारत पासवान की इलाज के दौरान सोमवार को लखनऊ के केजीएमयू में मौत हो गई। बीते 24 अक्तूबर को आत्मदाह की कोशिश में करीब 45 फीसदी से अधिक झुलस गए राम बुझारत को 25 अक्तूबर को केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। सुबह हुई मौत की खबर मिलते ही पीड़ित के परिवार में कोहराम मच गया। युवक की मौत के बाद प्रशासन ने पूरे गांव में सतर्कता बढ़ा दी है।
आत्मदाह के बाद से ही राम बुझारत की हालत गंभीर बनी हुई थी। आग की चपेट में किडनी के भी क्षतिग्रस्त होने से केजीएमयू में भी राम बुझारत की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था। इसके चलते उसका डायलिसिस भी किया जा रहा था। रविवार को हालत बिगड़ने पर उसे वेंटीलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा, जहां साेमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
इस दौरान अस्पताल में उसके पिता किन्नुलाल के साथ पत्नी कुसमा देवी भी मौजूद थी। राम बुझारत की मौत की खबर गांव में मिलते ही परिजनों व गांव के लोगों में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि उसका शव पोस्टमार्टम के बाद देर रात तक गैड़ास बुजुर्ग लाया जा सकता है।
लाइव वीडियो वायरल कर लगाई थी आग
गैड़ास बुजुर्ग में 35 वर्षीय राम बुझारत ने सड़क किनारे के एक भूखंड पर दावा करते हुए कब्जा रोकने की मांग पुलिस के साथ ही उच्चाधिकारियों को दी थी। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस की शह पर कोर्ट में विवादित उसके हिस्से की जमीन पर जबरन पिलर ढाले जाने लगे। इसे रोकने की गुहार लगाने थाने गए राम बुझारत को थाने में बैठा लिया गया। इससे आहत होकर ही उसने भूखंड के पास फेसबुक पर लाइव वीडियो वायरल करते हुए बीती 24 अक्तूबर को खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था।
निलंबित हो चुके जांच में दोषी थानाध्यक्ष व लेखपाल
प्रशासन की तरफ से हुई मजिस्ट्रेट जांच में थानाध्यक्ष पवन कुमार कनौजिया व लेखपाल को इस मामले में लापरवाही व ढिलाई बरतने का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया जा चुका है। आत्मदाह कोशिश में झुलसे युवक की मौत के बाद डीएम अरविंद सिंह व एसपी केशव कुमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह से पीडित परिवार के साथ है। पीड़ित परिवार को हरसंभव स्तर पर मदद मुहैया कराई जाएगी। फिलहाल मृतक के गांव में विशेषतौर पर सतर्कता बरती जा रही है।