अजय कुमार श्रीवास्तव
बलरामपुर। सरकार की तरफ से लगातार महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को हर काम में आगे बढ़ाया जा रहा है। मनरेगा के तहत होने वाले ग्राम पंचायतों में काम की देखरेख की जिम्मेदारी भी महिलाओं को दे दी गई है। अभी तक रोजगार सेवक मनरेगा के कामों की निगरानी करते थे, लेकिन अब इन्हें हटाकर जिले के 794 ग्राम पंचायतों में 1001 महिला मेट की तैनाती की गई है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महिलाएं काम कर रही हैं। अभी तक रोजगार सेवक मनरेगा के कामों की निगरानी करते थे, लेकिन अब शासन ने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनरेगा के कामों की निगरानी का जिम्मा महिलाओं को सौंपा है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक महिला मेट तैनात की गई है। जिले की 794 ग्राम पंचायतों में से 1001 में महिला मेट तैनात हो गई हैं।
तुलसीपुर में सबसे ज्यादा महिला मेट तैनात
मनरेगा लोकपाल आनंद उपमन्यु ने बताया कि तुलसीपुर में सबसे ज्यादा 148 महिला मेट तैनात की गई है। जबकि दूसरे नंबर पर पचपेड़वा है, वहां पर 143 महिला मेट है। वहीं सबसे कम उतरौला में 70 और श्रीदत्तगंज में 76 महिला मेट तैनात की गई हैं। इसके अलावा बलरामपुर में 108, गैड़ास बुजुर्ग में 88, गैसड़ी में 137, हरैया सतघरवा में 126, रेहरा बाजार में 105 महिला मेट की तैनाती की गई है।
-
-मनरेगा के तहत होने वाले कामों की मॉनिटरिंग के लिए महिला मेट की तैनाती की गई है। इससे ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की बेहतर निगरानी की जा रही है। इससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
- कमलेश कुमार सोनी, डीसी मनरेगा