बलरामपुर। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ में मंगलवार को गायत्री जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। दो दिवसीय समारोह के दूसरे दिन शक्तिपीठ में ध्यान, जागरण, पांच कुंडीय महायज्ञ के साथ विभिन्न संस्कारों का आयोजन हुआ। शाम को प्रसाद वितरण के साथ गायत्री जयंती का समापन किया गया।
गायत्री जयंती के पहले दिन सोमवार को गायत्री शक्तिपीठ में अखंड जप व दीप यज्ञ का आयोजन किया गया था। दूसरे दिन सुबह पांच बजे से सात बजे तक गायत्री परिवार के सदस्यों ने ध्यान व जागरण के जरिए मां गायत्री को नमन किया। सात बजे से पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यज्ञ करने वाले यजमानों ने गायत्री मंत्रों का उच्चारण करते हुए विश्व शांति व मानव कल्याण के लिए महायज्ञ में आहुति डाली। करीब दो घंटे तक चले गायत्री महायज्ञ में सैकड़ों पुरुष व महिला यजमानों ने भाग लिया।
गायत्री महायज्ञ के बाद विभिन्न संस्कारों का शुभारंभ हुआ। सबसे पहले गर्भवती महिलाओं का पुंसवन संस्कार किया गया। गर्भधारण के तीसरे महीने में प्रकृति मल्होत्रा, रजनी गुप्ता, निशा सिंह, शालू गुप्ता व सरिता गुप्ता का पुंसवन संस्कार कराते हुए डॉक्टर माही कीर्ति ने गर्भधारण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी को पुंसवन संस्कार का महत्व भी बताया। इसके बाद पांच युवकों को यज्ञोपवीत एवं पांच युवकों का दीक्षा संस्कार भी कराया गया। संस्कारों के समापन के बाद शाम को प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर शक्तिपीठ के ट्रस्टी अशोक गुप्ता, व्यवस्था ट्रस्टी सतीश चंद्र मिश्रा, सुरेश कुमार वर्मा, कृष्ण कुमार कश्यप, राजकरन, शिवम शुक्ला, रानी मिश्रा, रामदुलारी मोदनवाल, राधा मोदनवाल सहित गायत्री परिवार के तमाम सदस्य मौजूद रहे।