बलरामपुर। बलरामपुर के पूर्वी फीडर के कमरिहवा गांव के पास शनिवार रात बिजली का तार टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। इससे 25 गांवों की बिजली 12 घंटे तक बाधित रही। करीब दो हजार लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
हवा चलने के कारण अचानक बिजली का तार टूटकर गिर गया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी उपकेंद्र को दी। इसके बाद आपूर्ति बंद कराई गई। इससे जुुवाथान, देवरिया मुबारकपुर, मनकाकोट, पचीथे, दुल्हापुर, फरेंदा व अगहरवा सहित 25 गांवों में अंधेरा छा गया। इससे यहां के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि 12 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
वहीं, नगर में लोक निर्माण विभाग के गेस्टहाउस के पास फुुंके ट्रांसफार्मर को बदलने में तीन घंटे लग गए। इसके बाद आपूर्ति शुरू कराई गई। नगर क्षेत्र में पहले 12 से 13 मेगावट की आपूर्ति होती थी लेकिन, अब मांग बढ़ गई है। 28 मेगावट बिजली की खपत है। इसे देखते हुए अतिरिक्त प्रबंध किया जा रहा है। उपखंड अधिकारी प्रेमचंद का कहना है कि व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
30 घंटे बाद बहाल हुई आपूर्ति
पिपरहवा में बाधित चल रही बिजली आपूर्ति 30 घंटे बाद बहाल हो सकी। वहीं, जरवा में बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। सगीर खान, शकील खान, घनश्याम, मुन्नालाल, अकरम, कैलाश व गुड्डू आदि ने बताया कि कोईलाबास फीडर लगभग 60 किलोमीटर में फैला हुआ है। पुराने व जर्जर तार बांस के सहारे लटके हुए हैं। हल्की सी हवा के झोंके से एक तार दूसरे तार से चिपक जाते हैं, जिससे ट्रिपिंग की समस्या हो जाती है। विद्युत उपखंड तुलसीपुर अधिशासी अभियंता ग्रामीण रामनरेश गौतम ने बताया कि व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।