बलरामपुर। जिले की गैसड़ी नगर निकाय में विकास की नई बयार बहेगी। प्रदेश सरकार ने गैसड़ी नगर पंचायत को आकांक्षी नगर योजना में शामिल किया है। इससे मिलने वाले विशेष बजट से न सिर्फ बुनियादी सुविधाएं जुटाई जाएगी वरन स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराने का प्रयास भी होगा।
प्रदेश में नगरीय जनसंख्या के प्रतिशत में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। लोग गांवों को छोड़कर शहरों को अपना ठिकाना बना रहे हैं। इसके पीछे अच्छी शिक्षा व रोजगार प्रमुख कारण हैं। ऐसे में नगरीय जनसंख्या को बेहतर सुविधाएं तथा विकास के अवसर प्रदान करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती बनने लगा है। इसके तहत ही प्रदेश सरकार अब 20 हजार से अधिक की आबादी वाले कस्बों को नगर निकाय का दर्जा देने में जुटी है। पिछले वर्ष ही जिले की गैसड़ी को नगर पंचायत बनाया गया था। यह नगर पंचायत तमाम मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने के साथ ही काफी पिछड़े क्षेत्र में आती है। शासन स्तर से अब यहां आधारभूत सुविधाओं का विकास कर आजीविका के अवसरों में वृद्धि कर रोजगार के अवसर को बढ़ाने का कार्य होगा ताकि यहां से हो रहे पलायन को रोका जा सके। इसके लिए ही 20 हजार से अधिक आबादी वाले 100 पिछड़ी नगर पंचायतों के लिये आकांक्षी नगर योजना शुरू की गई है।
आकांक्षी नगर योजना में चयनित आकांक्षी निकाय में मुख्यमंत्री शहरी फेलो चयनित किए जाएंगे, जो जिलाधिकारी व संबंधित अधिशासी अधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्य करते हुए योजना का सर्वेक्षण, आंकड़ों का संकलन, सत्यापन, ऑनलाइन डेटा फीडिंग, परियोजनाओं के निर्माण, सरकार से समन्वय, अनुश्रवण तथा अभिलेखों के रख-रखाव का कार्य करेंगे। इसके साथ ही यह शहरी फेलो योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों के निराकरण तथा इसे बेहतर बनाने के सुझाव भी प्रस्तुत करेंगे। सीएम फेलो का चयन नगर विकास विभाग के स्तर से होगा।
आकांक्षी नगर योजना के तहत चयनित नगर निकाय को कार्य के मूल्यांकन के आधार पर धनराशि दी जाएगी। सरकार की तरफ से निर्धारित 16 पैरामीटर को पूरा करने वाले तीन अग्रणी शहरों को प्रति वर्ष प्रथम पुरस्कार के बतौर दो करोड़, द्वितीय पुरस्कार में एक करोड़ तथा तृतीय पुरस्कार के लिए 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अलग-अलग सेक्टर में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगर निकाय को को वर्ष में एक बार 50-50 लाख की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।