बलरामपुर। गोंडा-बलरामपुर पर हुए बस हादसे में बाल-बाल बचे यात्रियों ने खुद को किस्मत वाला मानकर भगवान का शुक्रिया अदा किया। हादसे के बाद उन्होंने आपबीती बयां की। घटना के बारे में बताते ही सिहर उठे।
हादसे की शिकार हुई बस से सफर कर रहे गौरा चौराहा के ज्ञानदेव का कहना था कि कुछ समझ में ही नहीं आया। हल्की सी झपकी लग गई थी, झटके में आंख खुली तो दिमाग शून्य था। कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या हो गया। बस जान बचाने की फिक्र दिखी। भगवान का शुक्र रहा कि बस सिर्फ एक ही बार पलटी। 25 फीट गहरा गड्ढा था। अगर एक बार और पलट जाती तो पता नहीं क्या होता।
लखनऊ के सुधीर पांडेय का कहना था कि हल्की नींद में थे। तेज झटका लगा, आंख खुली तो हर ओर चीख-पुकार थी। बगल में बैठा एक यात्री सीट के नीचे फंसा हुआ था। चालक व परिचालक के साथ मिलकर किसी तरह से उसे बाहर निकाला गया। लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। सफर कर रहे दो बच्चे रो रहे थे। उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
परिचालक अनिल मिश्र ने बताया कि सामने से ट्रक आ गया। जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां पर मोड़ है। ऐसे में बस बाएं तरफ 25 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई।
आरएम ने शुरू की जांच
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अंकुर विश्वास ने जानकारी हासिल की। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
लगा रहा जाम
गोंडा-बलरामपुर रोड पर हुए हादसे के बाद जाम लग गया। क्रेन मंगवाकर बस को बाहर निकलवाया गया। करीब दो घंटे बाद गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर यातायात बहाल हो सका।