बलरामपुर। विकास भवन के समीप सुंदरदास रामलाल स्कूल एंड कॉलेज में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने सतर्कता का पाठ पढ़ाने के साथ ही लक्ष्य आधारित शिक्षा पर जोर दिया। विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देने के साथ विभिन्न बिंदुओं पर जागरूक किया।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति की नोडल सीओ ज्योति श्री ने छात्रों से कहा कि सोच-समझ कर हर कदम उठाना चाहिए। सोशल मीडिया जितना हमारे लिए जानकारी को सुलभ कराता है, वहीं गलत प्रयोग हमें मुश्किल में डालता है। ऐसे में सोशल मीडिया का प्रयोग पढ़ाई के लिए करें।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र ने कहा कि बेटियों के मान सम्मान व स्वाभिमान को लेकर प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से सजग है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित कई अन्य कार्यक्रम संचालित हैं। बेटियों को जागरूक किया जा रहा है।
महिला कल्याण अधिकारी रागिनी मिश्रा ने कहा कि तकनीक का उपयोग अच्छे तरीके से करें। रचनात्मक गतिविधियों में इसका उपयोग करें। छोटी-छोटी बातों को लेकर गंभीर रहें।
यातायात नियमों के पालन की दिलाई शपथ
सीओ ज्योति श्री ने कहा कि सड़क हादसों को कम करने के लिए जागरूकता आवश्यक है। बाइक चलाते समय हेलमेट अवश्य लगाएं। बिना लाइसेंस के वाहन न चलाएं। इसको लेकर उन्होंने छात्रों व शिक्षकों को शपथ भी दिलाई। इस मौके पर प्रबंधक रंजना पांडेय, प्रधानाचार्य नरसिंह नाथ मिश्र, उप प्रधानाचार्य लोकेश कुमार श्रीवास्तव, प्रवक्ता सुमन मिश्र व ठाकुर प्रसाद तिवारी आदि मौजूद थे।
इनका रखें ध्यान :
- फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो बिना सत्यापन के स्वीकार न करें।
- अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को रिस्पांस न दें।
- अपना पासवर्ड किसी से भी शेयर न करें। उसे बदलते रहें।
- किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टाॅल करते समय उसकी नीति के बारे में जानकारी कर लें।
- जन्मतिथि, मोबाइल नंबर व अपनी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी किसी से शेयर न करें।
- बच्चों से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 1098, महिलाओं से संबंधित 1090 व साइबर अपराध से संबंधित 1930 पर और आपात स्थिति में डायल 112 की सहायता लेें।
छात्रों ने पूछे सवाल
- छात्रा शिवि पांडेय ने सवाल किया कि कोई समस्या आ जाए और हमारे पास फोन न हो तो क्या करें। सीओ ने जवाब दिया कि ऐसे मौके पर दिमाग चलाएं, देखें कि आसपास का परिवेश कैसा है, कहां से मदद मिल सकती है। इसके बाद मौके को देखते हुए कदम उठाएं। आत्मविश्वास कमजोर न होने दें।
- वैष्णवी का सवाल था कि पुलिस अफसर बनने के लिए कैसे तैयारी करें। इसपर सीओ ने कहा कि पुलिस अफसर बनना है तो सबसे पहले बेस को मजबूत करें। किताबों को सिर्फ रटंत विद्या में नहीं बल्कि अच्छे से पढ़ें।
-शुभि सिंह ने डीएम व एसपी बीच अंतर को पूछा। सीओ ने जवाब दिया कि डीएम जिले की संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं, जबकि एसपी कानून व्यवस्था देखते हैं।
- कोमल प्रजापति ने पूछा कि सिविल सेवा की तैयारी कैसे की जाय। इसपर सीओ ने कहा कि सबसे पहले समाचार पत्र पढ़ें, संपादकीय पेज जरूर पढ़ें। सेल्फ हेल्प इज द बेस्ट हेल्प, इसलिए आत्मविश्वास को कभी कमजोर न होने दें। जो भी पढ़े, अच्छे से पढ़ें। पाठ्यक्रम का अध्ययन करें, जिससे सफलता हर हाल में मिलेगी।