बलरामपुर। गोबर से पेंट बनाने के लिए उन्नाव में शुरू किए गए मॉडल को यहां पर भी लागू करने की तैयारी है। इसके लिए यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गोबर से पेंट तैयार करेंगी। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
यूनिट की स्थापना गोशाला के आसपास की जाएगी, जिससे गोबर की तलाश के लिए समूह की महिलाओं को परेशान न होना पड़े। यूनिट बनने से न सिर्फ समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि गोबर से बने प्राकृतिक पेंट से घरों की दीवारों को चमकाया जाएगा। पहले एक ब्लॉक में एक यूनिट लगाने की तैयारी की जा रही है। यूनिट ऐसी गोशाला के आसपास लगाई जाएगी, जिस गोशाला में अधिक संख्या में गोवंश मौजूद हों, जिससे पर्याप्त मात्रा में प्रतिदिन गोबर मिल सके।
गोबर से बने पेंट का प्रयोग सरकारी कार्यालयों में होने वाली वाॅल पेंटिंग में किया जाएगा। साथ ही उत्पादन बढ़ने पर बाजार में भी बिक्री के लिए आपूर्ति की जाएगी। इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी। अभी उन्नाव जनपद में ऐसी यूनिट लगाई गई है, जहां समूह की महिलाएं गोबर से पेंट तैयार कर रही हैं। यूनिट में काम करने वाली समूह की महिलाओं को पहले एनआरएलएम की ओर से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
चिह्नित की जाएगी जगह
यूनिट लगाने के लिए जिले के नौ ब्लॉकों में जगह चिह्नित की जाएगी। यूनिट के लिए कितना बजट खर्च होगा, अभी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। स्थल चिह्नित होने के बाद प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- मंजू त्रिवेदी, उपायुक्त,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बलरामपुर