बलरामपुर। सभी जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध होने का सरकारी दावा जिले में पूरी तरह खोखला है। जिले के मात्र दो ही अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच होती है। उनमें से भी जिला महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के नदारद रहने से अल्ट्रासाउंड कक्ष प्राय: बंद ही रहता है। जिला मेमोरियल चिकित्सालय व नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं एवं पेट से संबंधित मरीजों को पैसे खर्च करके प्राइवेट सेंटरों से जांच करानी पड़ती है।
सरकार की तरफ से अस्पतालों को आधुनिक संसाधनों तथा जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से लैस करने का दावा किया जा रहा है। जिला अस्पताल के अलावा सौ बेड वाले सभी अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा का दावा भी सरकार की तरफ से किया जा रहा है। मगर जिले में ये दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। यहां मात्र संयुक्त जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध है।
जिला मेमोरियल चिकित्सालय के साथ ही तुलसीपुर, उतरौला, गैसड़ी, पचपेड़वा, शिवपुरा, नंदनगर, श्रीदत्तगंज, गैड़ास बुजुर्ग एवं सादुल्लाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिला महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का स्थानांतरण गैर जनपद हो जाने के कारण करीब दो माह तक अल्ट्रासाउंड जांच ठप थी।
गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भेजा जाता था। गर्भवती महिलाओं की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने जिला मेमोरियल चिकित्सालय के रेडियोलाजिस्ट डॉ. शारदा रंजन को जिला महिला अस्पताल में संबद्ध तो किया है लेकिन वह प्राय: ड्यूटी से गायब रहते हैं। अस्पताल की सीएमएस डॉ. विनीता राय ने बताया कि कोर्ट के सम्मन के कारण वह सप्ताह में दो-तीन दिन बाहर ही रहते हैं। उनकी अनुपस्थिति में अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच ठप रहती है जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
संयुक्त जिला अस्पताल में नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड जांच होने के कारण यहां पूरे जिले के मरीज व गर्भवती महिलाएं जांच कराने आती हैं। ऐसे में यहां मरीजों की भीड़ जुटती है। यहां प्रतिदिन 50 से अधिक मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच होती है। यहां मात्र एक अल्ट्रासाउंड मशीन होने तथा एक ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के चलते सभी मरीजों की जांच नहीं हो पाती है। प्रतिदिन 10 से 15 लोगों को जांच के लिए दूसरे दिन बुलाया जाता है।
अस्पताल में पत्नी कन्या कुमारी की अल्ट्रासाउंड जांच कराने आए नगरवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि समय समाप्त होने के कारण डॉक्टर ने बुधवार को बुलाया है। अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके यादव ने बताया कि मंगलवार को 52 लोगों की अल्ट्रासाउंड जांच की गई। समय समाप्त होने के कारण 15 लोगों को जांच के लिए दूसरे दिन बुलाया है।