बलरामपुर। मारपीट के एक मामले में 33 वर्ष बाद दोषियों को सिविल जज जूनियर डिवीजन उतरौला न्यायालय ने सजा सुनाई है। उतरौला थाने में 21 मार्च 1992 में दर्ज मामले में आरोपी चिनके और नियाजुल्ला को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश योगेश कुमार चौधरी ने न्यायालय उठने तक की सजा और प्रत्येक को 2,000-2,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। (संवाद)